Tokyo Olympics : टोक्यो ओलंपिक की शानदार शुरुआत, मैरी कॉम और मनप्रीत ने की भारतीय दल की अगुवाई

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जापान की राजधानी टोक्यो में 32वें ओलंपिक खेलों की कोरोना की वजह से एक साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ शुरुआत हो गई। जापान के सम्राट नारूहितो ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक, आयोजन समिति की प्रमुख सीको हाशिमोतो, कई अन्य हस्तियों और 205 देशों के खिलाड़ियों की मौजूदगी में खेलों के शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘मैं आधुनिक युग के 32वें ओलंपिक खेलों का जश्न मनाते हुए टोक्यो खेलों की शुरुआत की घोषणा करता हूं। टोक्यो में जब रात घिर आयी थी तब यहां का ओलंपिक स्टेडियम दमक रहा था जिससे उठी नयी उम्मीद की धमक पूरे विश्व में सुनायी दे रही थी।

महामारी के कारण सभी देशों के कम खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। कुछ खिलाड़ियों के अगले दिन प्रतियोगिताएं होने और बीमारी के संक्रमण से बचने के लिये समारोह में भाग नहीं लिया। भारत 25वीं बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रहा है और इस बार उसने अपना सबसे बड़ा दल उतारा है। ओलंपिक मार्च पास्ट की शुरुआत हमेशा की तरह यूनान से हुई जहां पहले ओलंपिक खेल हुए थे। भारतीय दल जापानी वर्णमाला के अनुसार 21वें नंबर पर आया। पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और छह बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरीकॉम के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था और उनके साथ भारत के अन्य खिलाड़ियों और छह अधिकारियों के चेहरे पर मुस्कान और जोश दिख रहा था। भारत के 127 खिलाड़ियों सहित 228 सदस्यीय दल ओलंपिक में भाग ले रहा है। लेकिन इनमें से केवल 20 खिलाड़ियों ने उदघाटन समारोह में भाग लिया। जब उदघाटन समारोह चल रहा था उस समय भी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारी ओलंपिक आयोजन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस को उन्हें हटाने के लिये कार्रवाई करनी पड़ी।

टोक्यो दूसरी बार ओलंपिक की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले उसने 1964 में ओलंपिक का सफल आयोजन किया था लेकिन उदघाटन समारोह में शुरू में उस दिन को याद किया गया जब 2013 में उसने मेजबानी हासिल की थी। समारोह की शुरुआत टोक्यो 2020 के प्रतीक को प्रदर्शित करने के लिये 20 सेकेंड तक नीली और सफेद रंग की आतिशबाजी के साथ की गयी जिसे जापानी संस्कृति में शुभ माना जाता है। समारोह में विविधता में एकता, शांति और एकजुटता पर विशेष ध्यान दिया गया।

जापान के सम्राट नारूहितो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रमुख थामस बाक के साथ स्टेडियम में पहुंचे। इसके बाद स्टेडियम में जापान का ध्वज फहराया गया। जापान का ध्वज लेकर चलने वालों में एक स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल था और इस तरह से महामारी के दौरान चिकित्साकर्मियों के योगदान को सराहा गया। उदघाटन समारोह के दौरान उन लोगों और पूर्व ओलंपियनों को भी याद किया गया जिनका कोविड-19 महामारी के कारण जान गंवायी। इस दौरान म्यूनिख 1972 ओलंपिक में आतंकवादी हमले में मारे गये इजरायली खिलाड़ियों, 2011 के भूकंप और सुनामी में मारे गये लोगों का भी उल्लेख किया गया। इन सभी की याद में एक मिनट का मौन रखा गया। जापान की प्रसिद्ध गायिका मिसिया ने राष्ट्रगान गाया। ओलंपिक के पांच चक्र भी रंगारंग कार्यक्रम के बीच स्टेडियम में लाये गये। इन रिंग को उन पेड़ों से तैयार किया गया है जिन्हें ओलंपिक 1964 के दौरान जापान के खिलाड़ियों ने लगाया था। खेलों में योगदान देने के लिये आईओसी ने बांग्लादेश के नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को ‘द ओलंपिक लॉरेल’ से सम्मानित किया। उदघाटन समारोह में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं देने का फैसला कई सप्ताह पहले किया था। इसको देखने के लिये स्टेडियम में 1000 हस्तियां ही उपस्थित थी जिसमें अमेरिका की पहली महिला जिल बाइडेन भी शामिल हैं। समारोह का आकर्षण निश्चित तौर पर वे खिलाड़ी थे जो पिछले एक साल से महामारी और आशंकाओं के बीच अपनी तैयारियां कर रहे थे।

वहीं दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो ओलंपिक के उद्धाटन समारोह की टीवी पर झलकियां देखी। उन्होंने भारतीय दल को शुभकामनाएं दी और देशवासियों से एथलीटों का उत्साहवर्धन करने की अपील की जैसे ही भारतीय दल आया पीएम मोदी खड़े हुए और एथलीटों को देखकर तालियां बजाकर उनकी हौसलाअफजाई करने लगे।

अजय झा

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