उत्तराखंड के नए सीएम बने पुष्कर सिंह धामी

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उत्तराखंड में लगातार नेतृत्व की अस्थिरता से जूझ रही भाजपा सरकार में एक बार फिर मुख्यमंत्री बदल गया। पुष्कर सिंह धामी ने आज राज्य के 11 वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने धामी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। धामी के साथ सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, बंसीधर भगत और यशपाल आर्या ने मंत्री पद की शपथ ली है। राज्यपाल ने अरविंद पांडेय, गणेश जोशी को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके अलावा, रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, यतीश्वरानंद ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।
शपथग्रहण के बाद पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “मैं युवाओं के बीच काम करता रहा हूं और मुद्दों को अच्छी तरह समझता हूं। कोरोना ने उनकी जिंदगी पर असर डाला है। हम उनके लिए हालात को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। राज्य में खाली पदों पर नौजवानों को अपॉइंट करने की कोशिश की जाएगी। इसमें कुछ मुश्किलें हैं लेकिन, राज्य में टूरिज्म और चार धाम यात्रा फिर से शुरू करना हमारे लिए बहुत जरूरी है। मेरी उम्र कम है। यहां हर कोई अनुभवी है। मेरी पार्टी के लिए, जिसने मुझे यह मौका दिया है, मेरा कर्तव्य है कि मैं नए और पुराने सदस्यों को एक साथ रखूं। पार्टी और राज्य के काम को आगे बढ़ाऊं।”

पिथौरागढ़ में जन्मे 45 साल के पुष्कर सिंह धामी राज्य के सबसे कम उम्र के CM बने हैं। दो बार के विधायक धामी कभी उत्तराखंड सरकार में मंत्री नहीं रहे, लेकिन अब सीधे मुख्यमंत्री बन चुके हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को राज्य की सेवा का मौका देने के लिए वे पार्टी हाईकमान के शुक्रगुजार हैं।

धामी ने मानव संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक संबंध में मास्टर्स किया है। वे 1990 से 1999 तक ABVP में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं। धामी 2002 से 2008 तक युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे हैं। वहीं 2010 से 2012 तक शहरी विकास परिषद के उपाध्यक्ष रहे। वे 2012 में पहली बार विधायक चुने गए थे। पुष्कर सिंह धामी ऊधम सिंह नगर की खटीमा विधानसभा से विधायक हैं। उनकी अगुआई में ही प्रदेश सरकार ने स्थानीय युवाओं को राज्य के उद्योगों में 70% आरक्षण दिलाने में सफलता हासिल की।

बता दें कि राजपूत समुदाय से आने वाले पुष्कर राज्य के तेजतर्रार नेताओं में शुमार हैं। 2022 में होनेवाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुष्कर सिंह धामी को सीएम बनाकर जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश की गई है। तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने के वक्त भी पुष्कर सिंह धामी का नाम रेस में शामिल रहा था। धामी राज्य के और मुख्यमंत्रियों के मुकाबले युवा हैं। उनका युवा होना भी उनके मुख्यमंत्री चुने जाने के पक्ष में गया है।

अजय झा

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