नीतीश कुमार सातवीं बार बने बिहार के मुख्यमंत्री, 14 अन्‍य लोगों ने भी मंत्री पद की ली शपथ

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बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए नीतीश कुमार ने सातवीं बार सूबे के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जैसे राजग के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल फागू चौहान ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश के अलावा 14 अन्‍य लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली है, जिसमें भाजपा विधानमंडल दल के नेता तारकिशोर प्रसाद और उपनेता रेणु देवी के अलावा विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, मंगल पांडे आदि शामिल हैं। इस बार भाजपा से सात, जेडीयू से पांच, हम और वीआईपी से एक-एक मंत्री बना है।
तारकिशोर प्रसाद (उपमुख्यमंत्री)
कटिहार के रहने वाले तारकिशोर प्रसाद की बिहार की राजनीति में अच्छी पकड़ है। 64 वर्षीय तारकिशोर को चौथी बार कटिहार सीट से लड़ने का मौका मिला, यहां से उन्होंने डॉ. राम प्रकाश महतो को हराकर लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। 
12वीं पास तारकिशोर हैं करोड़पति– तारकिशोर ने वर्ष 1974 में कटिहार के डीएस कॉलेज से 12वीं पास की थी। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्य रहे हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले उन्होंने संगठन में कई पद संभाले। तारकिशोर भाजपा विधानमंडल दल के नेता भी चुने गए हैं। तारकिशोर प्रसाद 1980 के दशक से ही राजनीति व सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। पहली बार फरवरी, 2005 में कटिहार से विधायक बने थे। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक, वे व्यापार और कृषि भी संभालते हैं। तारकिशोर की कुल घोषित संपत्ति 1.9 करोड़ रुपये है, जिसमें 49.4 लाख रुपये चल संपत्ति है और 1.4 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। तारकिशोर प्रसाद कुल घोषित आय 3.7 लाख है, जिसमें 3.7 लाख रुपये उनकी व्यक्तिगत आय है।
रेणु देवी (उपमुख्यमंत्री) –
रेणु देवी बेतिया से चौथी बार विधायक चुनी गई हैं। अगर शिक्षा की बात करें, तो वह भी 12वीं पास हैं। रेणु देवी ने वर्ष 1977 में मुजफ्फरपुर विवि से इंटर पास किया था। साल 1988 से रेणु देवी राजनीतिक व सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। उनकी मां संघ परिवार से जुड़ी थीं। बताया जाता है कि ननिहाल से ही उनका भाजपा व संघ से लगाव हुआ। रेणु देवी के पति दुर्गा प्रसाद का देहांत हो चुका है। परिवार में उनके अलावा उनका एक बेटा और बेटी है। रेणी देवी बिहार में वर्ष 2005 से 2009 तक राज्य की खेल, कला एवं संस्कृति मंत्री भी रह चुकी हैं। रेणु देवी संगठन में महिला मोर्चा की अध्यक्ष, तीन राज्यों में महिला मोर्चा की प्रभारी, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य से लेकर अमित शाह के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमेटी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुकी हैं।

अमरेंद्र प्रताप
बिहार के भाजपा नेता अमरेंद्र प्रताप ने मंत्री पद की शपथ ली है। अमरेंद्र प्रताप भाजपा के कद्दावर नेता हैं। बक्सर जिले की चौगाई गांव निवासी प्रताप आरा से चौथी बार विधायक चुने गए हैं।राजपूत समुदाय से आते हैं। वे 2012 और 2015 में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रह चुके हैं। अमरेंद्र प्रताप की शिक्षा स्नातक है। इस बार चुनाव हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति 2.08 करोड़ रुपये है। अमरेंद्र प्रताप खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और पेशे से किसान बताते हैं, जबकि उनकी पत्नी गृहिणी हैं।
मंगल पांडे
बिहार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले भाजपा नेता मंगल पांडेय ने पिछली नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। मंगल पांडेय बिहार भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सीवान जिले के भृगु बलिया गांंव में जन्मे मंगल पांडेय वर्ष 1989 में भाजपा में शामिल हुए थे। 2005 में मंगल पांडेय को बिहार भाजपा का महासचिव बनाया गया। वर्ष 2012 में वे बिहार विधान परिषद के सदस्य बने थे। 
युवा नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले मंगल पांडेय सबसे कम उम्र में बिहार भाजपा में अध्यक्ष बनने वाले नेता रहे हैं। मंगल पांडेय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् और आरएसएस से जुड़े रहे हैं और बिहार के कद्दावर नेताओं में उनका नाम है।
रामप्रीत पासवान
राजनगर सीट से विधानसभा चुनाव जीतने वाले डॉ. रामप्रीत पासवान को भाजपा के कोटे से मंत्री बनाया गया है। रामप्रीत पासवान के पास डॉक्टरेट की उपाधि है। रामप्रीत पासवान ने इस चुनाव में राजद नेता रामअवतार पासवान को हराया था। राजनगर (एससी) विधानसभा सुरक्षित सीट है।
जीवेश मिश्रा
दरभंगा की जाले सीट से चुनाव जीतने वाले जीवेश मिश्रा को भाजपा की ओर से मंत्री बनाय गया है। जीवेश मिश्रा के सामने कांग्रेस से मस्कूर उस्मानी उम्मीदवार थे, जिनका नाम जिन्ना विवाद में सामने आया था। जीवेश मिश्रा ने शपथ के दौरान खांटी दरभंगा के अंदाज में पाग पहन कर शपथ ली। रामप्रीत पासवान और जीवेश मिश्रा ने मैथिली भाषा में शपथ ग्रहण किया।
रामसूरत राय
भाजपा विधायक राममूरत राय ने मंत्री पद की शपथ ली है। रामसूरत राय ने इस बार मुजफ्फरपुर के औराई से जीत दर्ज की है। इससे पहले रामसूरत राय ने पहली बार 2010 में चुनाव जीता था। रामसूरत राय ने बीकॉम किया है। उन्हें पहली बार भाजपा के कोटे से मंत्री बनाया गया है। 
जदयू से इन्होंने ली शपथ
विजेंद्र यादव
जदयू नेता विजेंद्र यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले भी वह नीतीश सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे थे। विजेंद्र यादव पहले राजद में थे, लेकिन कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्होंने राजद को छोड़कर जदयू का दामन थाम लिया। वर्ष 1990 में सुपौल सीट से जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले विजेंद्र यादव लगातार जीत हासिल करते रहे हैं। वह 2005 में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।इस दौरान ही राजद की बिहार की सत्ता से विदाई हुई थी और भाजपा-जदयू की सरकार बनी थी। विजेंद्र यादव अब तक बिहार के ऊर्जा, सिंचाई, विधि, वाणिज्य, मद्य निषेध विभाग के मंत्री रह चुके हैं।

अशोक चौधरी
जदयू के नेता अशोक चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं। इस चुनाव में सराय विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाले चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। अशोक चौधरी जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। चौधरी पहले कांग्रेस पार्टी में थे। बाद में वह जदयू में शामिल हो गए। 2017 में नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हुए, तो 1 मार्च, 2018 को चौधरी ने जदयू की सदस्यता ली। पिछले साल उन्हें भवन निर्माण मंत्री बनाया गया था। वर्ष 2014 में अशोक चौधरी बिहार विधान परिषद के सदस्य बने थे। महागठबंधन की सरकार बनने पर शिक्षा मंत्री बनाए गए थे। इस बार उन्हें कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। 
मेवालाल चौधरी
मुंगेर के तारापुर से चुनाव जीतने वाले जदयू विधायक मेवालाल चौधरी ने नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है।वह तारापुर से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। इससे पहले, वर्ष 2010-15 में उनकी पत्नी स्वर्गीय नीता चौधरी यहां से विधायक चुनी गई थीं। राजनीति में आने से पहले 2015 तक वे भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। उन पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगा था और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ था। असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति घोटाले का मामला सबौर थाने में 2017 में दर्ज किया गया था। इस मामले में विधायक ने कोर्ट से अंतरिम जमानत ले ली थी।
शीला कुमारी
फुलपरास से जदयू की टिकट पर विधायक चुनी गई शीला कुमारी ने मंत्री पद की शपथ ली है।  शीला कुमारी की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार, उनका पेशा कृषि है। उनकी शैक्षणिक योग्यता परास्नातक है। 50 साल की शीला कुमारी की घोषित संपत्ति 6.1 करोड़ है, जिसमें 39.1 लाख रुपये चल संपत्ति और 5.7 करोड़ अचल संपत्ति शामिल है।
विजय चौधरी
जदयू विधायक विजय चौधरी को बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इस चुनाव में विजय चौधरी ने सरायरंजन सीट से जीत हासिल की है। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आरजेडी नेता अरविंद सहनी को हरा कर इस बार जीत की हैट्रिक लगाई है। नीतीश सरकार में विजय चौधरी कई अहम पद संभाल चुके हैं। वर्ष 1982 में राजनीति शुरू करने वाले चौधरी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में जल संसाधन मंत्री, प्रभारी गृहमंत्री, कृषि, सूचना और जनसंपर्क मंत्री रह चुके हैं। बाद में नीतीश कुमार ने विजय चौधरी को विधानसभा अध्यक्ष बनाया।
संतोष मांझी
हम पार्टी से पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। संतोष मांझी हम पार्टी के अध्यक्ष हैं। हम पार्टी इस बार जदयू के कोटे से मिली सीटों पर चुनाव लड़ी थीं। हालांकि, संतोष मांझी इस बार चुनाव नहीं लड़े थे। वे फिलहाल बिहार विधानसभा परिषद के सदस्य हैं। संतोष मांझी हम पार्टी के प्रधान महासचिव और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष हैं। संतोष मांझी ने राजनीति शास्त्र में परास्नातक किया है।
मुकेश सहनी 
विकासशील इनसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। बता दें कि मुकेश साहनी पहले महागठबंधन में थे, लेकिन मनमुताबिक सीट नहीं मिलने के कारण वे एनडीए में चले गए थे। इस बार चुनाव में भाजपा ने अपने कोटे से वीआईपी को 11 सीटें दी थीं, जिसमें 4 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। मुकेश साहनी खुद सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव लड़े लेकिन हार गए। भाजपा ने सीट शेयरिंग के वक्त ही कहा था कि मुकेश साहनी की पार्टी को विधान परिषद् की एक सीट दी जाएगी। साहनी निषाद समुदाय से आते हैं, जिसकी बिहार में अच्छी-खासी तादाद है।

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