केंद्र और राज्य से खासे परेशान हैं पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार

5529
0
SHARE

भारत-चीन सीमा विवाद मामले पर कांग्रेस के पूर्व सांसद व पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस बात का खुलासा करें कि हमारे सैनिक कहां शहीद हुए हैं ? अगर वे हमारी सीमा में आए नहीं और हमारी पोस्ट पर कब्जा नहीं किया तो फिर हमारे सैनिक कैसे शहीद हुए ? कांग्रेस नेता निखिल कुमार लंबे समय बाद पुरे मिजाज में दिखे। उन्होंने आगे कहा कि हमारी इंटेलिजेंस से चूक क्यों हो गई। वो इस खतरे को भांप क्यों नहीं पाए। पीएम मोदी पर हमला बरकार रखते हुए उन्होंने कहा कि पीएम को इस बात की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और जवाब देना चाहिए। निखिल कुमार ने कहा कि पुलवामा जैसी घटना आखिर फिर से क्यों दोहराई गई है। वैसे भी पुलवामा में आतंकी विस्फोटक सामग्री कहां से लाए थे, उसका पता अब तक नहीं चल सका है। उन्होंने कहा कि मैं मोदी जी के बोलने के शैली से काफी प्रभावित हूं। वे अटल बिहारी वाजपेयी से भी ज्यादा बढ़िया बोलते हैं, लेकिन जो वे बोलते हैं उसे पूरा नहीं करते। उन्होंने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा,जदयू कुछ भी करे लेकिन यह बात निश्चित है कि कांग्रेस कुछ भी करे लेकिन एक बात तय है कि बीजेपी से हमारा 36 का रिश्ता है। उनकी नीतियां राष्ट्र हित के खिलाफ है,उनके सामने राष्ट्र नहीं लेकिन केवल चुनाव है। बिहार के आप्रवासी मजदूरों ने जो झेला है, हजारों मिल पैदल चलकर, भूखे,नंगेपैर, पुलिस की ज्यादितियों को सहते हुए आए हैं। आनेवाला चुनाव में नीतीश कुमार एवं नरेंद्र मोदी को वास्तविकता दिखाएंगे। मैंने खुद नीतीश कुमार जी को 28 मार्च को हीं पत्र लिखा। मुख्य सचिव से भी बात करने का प्रयास किया। फिर होम सेक्रेटरी से बात किया एवं उसी समय मजदूरों के वापसी का इंतजाम करने के लिए कहा था, लेकिन हमारी बातों को नहीं सुना गया।

उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी जिला के सोनबरसा स्थित बॉर्डर पर नेपाली सेना के द्वारा बिहार के बाशिंदो के साथ मारपीट की घटना हुई और इसमें एक व्यक्त की मौत हो गई। नेपाल और बिहार का रोटी – बेटी का रिश्ता रहा है और इस तरह की घटना का बिहार और नेपाल की सीमा पर होना अप्रत्याशित है। नेपाल और बिहार के लोगों के हमेशा से बहुत गहरे सम्बन्ध रहे हैं। यहाँ तक बिहार और नेपाल के लोगों के बीच सैकड़ों साल से शादी -विवाह से लेकर खेती -गृहस्ती और व्यवसाय का नाता रहा है। ऐसे में इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है और केंद्र सरकार को नेपाल सरकार से इस घटना की भर्त्स्ना करते हुए स्पष्टीकरण देने की मांग करनी चाहिए। इस घटना में एक व्यक्ति के मौत होने के के बावजूद राज्य एवं केंद्र सरकार से पीड़ित व्यक्ति के परिजनों को कोई सहायता नहीं दी गई है। हम राज्य एवं केंद्र सरकार से मांग करते हैं सीतामढ़ी जिला में हुए इस घटना में पीड़ित व्यक्ति के परिजनों को आर्थिक सहयोग एवं परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दिया जाये।

निखिल कुमार ने कांग्रेस के एमएलसी उम्मीदवार बताए जाने पर साफ करते हुए कहा कि मैं पार्टी की ओर से एमएलसी का कैंडिडेट नहीं हूं। पार्टी को ऐसा उम्मीदवार चुनना चाहिए जो पहली बार सदन में जाए। युवा एवं विशेषकर महिला को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।एक लंबे समय से किसी महिला को इस सदन में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। निखिल कुमार ने कहा कि हमारा मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी को पूरी मजबूती के साथ अभियान की शुरुआत करनी चाहिए। बिहार में रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य , कृषि विकास , और अर्थव्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिसमें बिहार अभी भी देश के सबसे निचले पायदान पर हैं। हमें बिहार के लोगों को बिहार के लिए एक सुनियोजित विज़न प्रस्तुत करना होगा। इसको लेकर पुरे प्रदेश में हमें एक व्यापक बहस करनी चाहिए। विशेष तौर पर युवाओं को पार्टी के संगठन में सम्मिलित कर लोगों से संपर्क करना उचित रहेगा।

अजय झा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here