गैंगस्टर संतोष झा की हत्या करने वाला शूटर शकील हुआ गिरफ्तार

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गैंगस्‍टर संतोष झा हत्याकांड मामले में डुमरा थाना पुलिस ने शूटर शकील अख्तर काे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसे तब गिरफ्तार किया जब शूटर शकील अपने वकील से मिलने डुमरा स्थित उनके घर की ओर जा रहा था। पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली डुमरा थानाध्यक्ष नवलेश कुमार आजाद ने टीम गठित कर डुमरा थाना के कुमार चौक पर छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस को देखते ही शकील भागने लगा जिसे खदेड़ कर पकड़ लिया। शकील पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के शीतलपुर हनुमानगंज का रहनेवाला है। डीएसपी कुमार वीर धीरेंद्र ने बताया कि अगस्त 2018 में सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में गैंगेस्टर संतोष झा की हत्या की गई थी। इस घटना में में शूटर शकील मुख्य आराेपी था। पुलिस करीब दो वर्षों से शकील की तलाश में लगी हुई थी। डीएसपी ने बताया कि कुख्यात संतोष झा हत्याकांड में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चूका है। इनके विरूद्ध चार्जशीट दाखिल कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में शकील ने अपनी संलिप्तता स्वीकार किया है। बता दें कि संतोष झा दरभंगा में डबल इंजिनियर मर्डर केस के बाद सुर्ख़ियों में रहे थे।

गैंगस्‍टर संतोष झा

संतोष झा को सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में 28 अगस्त 2018 को पेसी के दौरान गोलियों से भून दिया गया था। इस घटना के बाद बिहार पुलिस और कोर्ट कि सुरक्षा पर कई सवाल खड़े हो गए थे। वहीं इस हत्या की तैयारी पहले से की जा रही थी। जब सीतामढ़ी पुलिस ने मोतिहारी से शकील अख्तर के भाई नवीन अख्तर को गिरफ्तार किया था। उस समय नवीन अख्तर ने मुजफ्फपुर बाल गृह में बंद शकील अख्तर को बीमारी का बहाना बनाकर कोर्ट से छुड़वाया और इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया था। गैंगस्‍टर संतोष झा हत्याकांड का मुख्य कारण अपने ही गैंग में वर्चस्व की लड़ाई थी। बताया जाता है कि संतोष झा का राईट हैंड मुकेश पाठक ने ही सुपारी देकर संतोष झा को मरवाया था।

कौन था संतोष झा

माफिया डॉन संतोष झा ने मिथिला में बिहार पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट बना रखा था। इसे उसने नक्सलियों के ग्रुप के तर्ज पर तैयार किया था। संतोष और विकास पहले नक्सली गिरोह में अहम पदों पर रह चुके थे, लेकिन एक नक्सली कमांडर को धोखे से मरवाकर दोनों सरगना बन बैठे। इसके बाद दोनों ने इस नक्सली ग्रुप को क्रिमिनल ग्रुप मे तब्दील कर दिया। उस दरम्यान संतोष झा का राईट हैंड मुकेश पाठक हुआ करता था। बिहार पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट पूरे इलाके का सबसे बड़ा लेवी वसूलने वाला गिरोह बन गया। इस गिरोह के पास तीन AK47 राइफले हैं. बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए AK47 राइफल का इस्तेमाल किया जाता है। दरभंगा इंजीनियर मर्डर केस में भी इंजीनियरों की हत्या AK 47 से ही की गई थी। पहले रोड बना रही कंपनी से गैंगस्टर संतोष झा ने करोड़ों की रंगदारी मांगी और नहीं देने पर संतोष झा ने अपने गुर्गों से इंजीनियरों की हत्या करवा दी।


अजय झा / चंचल कुमार

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