बजट के पुनर्वित्तीय प्रबंधन को पैकेज कह गयी सरकार : कौकब कादरी

4340
0
SHARE

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त की घोषणा किए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे छलावा बताया है। बिहार प्रदेश काँग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि वित्त मंत्री के प्रेस भाषण से देश बेहद निराशा में जायेगा। रूटीन बजटीय योजनाओं के पुनर्वित्तीय प्रबंधन को आर्थिक पैकेज नहीं कहा जाता। बजट भाषणों से जिन काँग्रेसी सरकारों की योजनाओं को गायब कर दिया गया था वो अब वापस लाना भी पड़ रहा है और वही बताया भी जा रहा है। अगले पाँच वर्ष तक की योजनाओं के लिए फंड आवंटन किये जा रहे हैं, बजट बनाया जा रहा है। ये वह पैकेज नहीं है जिसकी माँग जनता कर रही है और सरकार घोषित कर रही है।उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से वह वांछित रोजगार व आर्थिक सुधार नहीं मिल सकता जिससे आप वर्तमान कोविड 19 पंडेमिक से बर्बाद हुई अर्थव्यवस्था में तुरन्त तेजी लाना चाहते हैं। जब मजदूर, गरीब, पशुपालक, किसान जिन्दा ही नहीं रहेंगे तो 5 वर्ष तक के लंबे लंबे बजट बनाने का क्या मतलब? कम से कम जब विश्व भर के अर्थशास्त्री कहते हैं कि 10 से 15 हजार रूपये प्रति गरीब व प्रवासी मजदूरों के खाते में प्रति माह दिया जाये तब ये अभी ताकि वो जीवित रहें व पुनः काम पर लौटने का मानसिक सम्बल भी पाएं तब सरकार योजना ही ला रही है। आज जो किसानों व पशुपालकों के लिए उपाय किये जा रहे हैं यह बहुत पहले किया जाना चाहिए था और यह एक रूटीन बजटीय प्रक्रिया है इससे रुकी हुई अर्थव्यवस्था को तेजी से नहीं दौड़ा सकते। जबतक मुद्रा का प्रवाह जनधन या आधार खातों द्वारा सीधा आम जनता तक नहीं पहुँचाया जायेगा, इन घोषणाओं से कुछ नहीं होगा।आखिर सबको बैंक खाता व सबके खातों को सरकार से क्यूँ जोड़ा गया था? कादरी ने कहा कि सरकार से तात्कल राहत के लिए पैकेज माँगा जाता है और सरकार सबको लम्बे सपनों की रेवड़ी बाँट रही है। जो बातें बजट भाषण में सुनने को जनता 6 वर्षो से तरस रही थी वो अब सुनने को मिल रहा है।
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कृषि उपज के रख रखाव, परिवहन एवं विपणन सुविधाओं के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कृषि ढांचागत सुविधा कोष की घोषणा की।

अजय झा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here