विधायक द्वारा लॉकडाउन में बेटी को कोटा से लाने पर बिहार में सियासत शुरू

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लॉकडाउन के बीच बिहार में भाजपा के विधायक अनिल सिंह अपनी बेटी को कोटा से लाने में सफल रहे हैं। नवादा जिले के हिसुआ विधानसभा से भाजपा के विधायक अनिल सिंह ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि मेरी बिटिया कोटा में परेशान थी। इसलिए उसे कोटा से घर लेकर आया हूँ। मैं पहले पिता हूं फिर विधायक हूं इसलिए मैंने पिता और विधायक का धर्म और कर्तव्य निभाया है। विधायक ने कहा कि मैं जिला प्रशासन की अनुमति और सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही अपनी बेटी को वहां से लाया हूं। दरअसल नीतीश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान साफ तौर पर कह दिया था कि कोटा में फंसे छात्रों को बुलाने की जो मांग की जा रही है पूरी तरह से गलत है अगर ऐसा होगा तो फिर लॉक डाउन का क्या मतलब? इतना हीं नहीं नीतीश कुमार यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कोटा में फंसे छात्रों को बुलाने पर आपत्ति उठा चुके हैं। ऐसे में सवालों का उठना लाजमी है कि नेताओं को प्रशासन कोटा में फंसे अपने बच्चों को लाने के लिए अनुमति कैसे दे रहा है ? और अगर दे रहा है तो फिर आम लोगों के प्रति सरकार का रवैया उदासीन क्यों है? वहीं प्रशांत किशोर ने वाहन पास दिखाते हुए नीतीश कुमार पर हमला बोला है।


पीके ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोटा में फँसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को @NitishKumar ने यह कहकर ख़ारिज कर दिया था कि ऐसा करना #lockdown की मर्यादा के ख़िलाफ़ होगा। अब उन्हीं की सरकार ने भाजपा के एकविधायक को कोटा से अपने बेटे को लाने के लिए विशेष अनुमति दी है। नीतीश जी अब आपकी मर्यादा क्या कहती है? वहीं प्रशांत किशोर के ट्वीट के बाद अब जदयू बैकफुट पर नजर आ रही है। जदयू नेता अजय आलोक ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो ये बेहद ही गलत बात है और सरकार जरूर संज्ञान लेगी।


अजय झा

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