कोरोना वायरस से निपटने के लिए 1 लाख 70 हजार करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान

2016
0
SHARE

कोरोना वायरस की वजह से देश और दुनिया में रोज़ाना कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। रोज़ाना हज़ारों पॉजिटिव मामले प्रकाश में आ रहे हैं। दुनियाभर की सरकारें लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है। भारत में भी 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है। देश में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन अभी भी एक तबका ऐसा है जो इसकी गंभीरता को नहीं समझ रहा है और सामाजिक दूरी जैसे अति महत्वपूर्ण उपाय को अपनाने में रुचि नहीं दिखा रहा है । अबतक देश में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या 670 हो गई है जबकि इससे15 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक लाख 70 हजार करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि कोई गरीब भूखा न रहे, इसके लिए सरकार ने इंतजाम किए हैं।

जानिए आर्थिक पैकेज से मिलने वाले फायदे को –

  • सरकार प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 8.69 करोड़ किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में दो-दो हजार रुपये का अग्रिम भुगतान करेगी।
  • राशन की दुकानों से 80 करोड़ लोगों को 5 किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो दाल तीन महीने के लिये मुफ्त मिलेगा।
  • कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ रहे डॉक्टरों, पारामेडिकल कर्मियों, चिकित्सा सेवा के कर्मियों को 50 लाख रुपये प्रति परिवार बीमा कवर मिलेगा।
  • 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को अगले तीन महीने तक 500 रुपये महीने दिए जाएंगे, ताकि घर की जरूरतें पूरी करने उनकी मदद हो सकें।
  • उज्जवला योजना में 8.3 करोड़ BPLपरिवारों को शामिल किया गया है, ताकि खाना पकाने के लिए कोई कमी न हो।
  • महिलाओं को मुफ्त में अगले तीन महीने तक तीन गैस सिलेंडर मिलेंगे। इस फैसले से 8.3 करोड़ बीपीएल परिवारों को फायदा होगा।
  • सरकार ने मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपए किया है, इससे पांच करोड़ परिवार को लाभ होगा।
  • 63 लाख स्वयं सहायता समूह जो इस देश में काम कर रहे हैं। इनको पहले 10 लाख रुपये मिलते थे, बिना गारंटी के उसे बढ़ाकर बीस लाख किया जा रहा है।
  • 60 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिक, विधवा और दिव्यांगजनों को 1000 रुपए अगले तीन महीने में दो किश्तों में मिलेगा।
  • संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए और वो संस्थान जहां 100 से कम कर्मचारी हैं या ऐसे संस्थान जहां 90% कर्मचारियों की सैलरी 15000 से कम है, इनके ईपीएफ का 12% जो कर्मचारी देता है और 12% एंप्लॉयर देता था, यह दोनों ही अगले तीन महीने तक सरकार देगी।
  • कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के वेलफेयर फंड में 31 हजार करोड़ है और 3.5 करोड मजदूर हैं। इस धन का इस्तेमाल करके मजदूरों को मदद दी जाएगी।

वहीं बिहार सरकार ने भी कोरोना वायरस के मद्देनजर बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गरीबों के लिे 100 करोड़ की राहत पैकेज का एलान किया है। सीएम राहत कोष से दी जाएगी यह राशि। इस पैकेज से गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को लाभ मिलेगा।

सबसे अहम बात यह है कि अब जिस तरह से तीन महीने तक की राहतों का ऐलान किया जा रहा है, ऐसे में ये कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार आगे की तैयारियों को लेकर आगे बढ़ रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। सवाल उठ रहा है कि अगर कोरोना वायरस के हालात नहीं सुधरते हैं तो क्या लॉकडाउन को 21 दिन से बढ़ाकर अप्रैल-मई और जून तक जारी किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो देशवासियों को अपने घरों में ही रहना पड़ेगा। इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहें।

अजय झा