पीएम मोदी ने कोलकाता में4 इमारतों को राष्ट्र को किया समर्पित, ममता बनर्जी ने पीएम से की मुलाकात

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी को लेकर पश्चिम बंगाल में चल रहे टीएमसी के भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपनी दो दिवसीय यात्रा पर कोलकाता पहुंच गए हैं। पीएम के इस दौरे का स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने विरोध किया है। अपने दौरे के दौरान पीएम कोलकाता बंदरगाह ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर समारोह में शामिल हो रहे हैं और चार धरोहर इमारतों को राष्ट्र को समर्पित किया। पीएम ने विक्टोरिया मेमोरियल हाल, करेंसी बिल्डिंग, बेल्वेदेरे हाउस और मेटकॉफ हाउस को राष्ट्र को समर्पित किया।

पीएम ने अपने सम्बोधन में कहा कि बिप्लॉबी भारत नाम से म्यूज़ियम बने, जिसमें नेताजी सुभाषचंद्र बोस, ऑरबिंदो घोष, रास बिहारी बोस, खुदी राम बोस, देशबंधु, बाघा जतिन, बिनॉय, बादल, दिनेश, ऐसे हर महान सेनानी को यहां जगह मिलनी चाहिए। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की। राजभवन में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद ममता ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। ममता बनर्जी ने कहा कि मेरी प्रधानमंत्री से सीएए, एनपीआर और एनआरसी के मुद्दे पर बात हुई है। मैंने उन्हें बताया कि हम इसके खिलाफ हैं। हम चाहते हैं कि सीएए और एनआरसी को वापस लिया जाए। इसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वो यहां किसी अन्य कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली में बात होगी। ममता बनर्जी ने कहा कि हमने 28,000 करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा उठाया जो कि 54,000 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद भी बाकी रह गया है। इसके अतिरिक्त 700 करोड़ रुपये का बकाया है जो चक्रवाती तूफान बुलबुल से निपटने के लिए मिलना था, यह राज्य का पैसा है, यह राज्य का अधिकार है कि उसे मिलना चाहिए। वहीं नरेंद्र मोदी से मिलने के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन की ओर से सीएए के खिलाफ आयोजित धरने में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नागरिकता कानून और एआरसी को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार में ठनी हुई है। दूसरी ओर छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने राजभवन के आसपास धारा 144 लगा दी गई है। राजभवन और हवाई अड्डे के आसापस भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। दरअसल छात्रों का मकसद भारी विरोध प्रदर्शन के जरिए प्रधानमंत्री को संदेश देना है। आपको बता दें कि विरोध प्रदर्शनों और समर्थन के बीच देशभर में 10 जनवरी, 2020 से नागरिकता संशोधन कानून (CAA ) लागू हो गया। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संशोधित नागरिकता कानून की अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही यह कानून पूरे देश में प्रभावी हो गया।

अजय झा

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