ऑलराउंडर इरफान पठान ने क्रिकेट से लिया सन्यास

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने 4 जनवरी को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से रिटायरमेंट की घोषणा की दी।इरफान ने भारत के लिए 29 टेस्ट खेले और 32.26 की औसत से 100 विकेट हासिल किए। बल्लेबाजी में 31.57 की औसत से 1105 रन भी बनाए जिसमें एक शतक भी शामिल है। 120 वन-डे मैच 173 विकेट लेने वाले पठान ने 23.39 की औसत से 1544 रन भी बनाए।

बहुत कम क्रिकेटर ऐसे होते हैं जो बेहद कम उम्र में ही नाम, दौलत और शोहरत हासिल कर लेते हैं। ऐसे ही खिलाड़ी थे इरफान पठान। बड़ौदा के बेहद साधारण परिवार में जन्मा यह खिलाड़ी विपरित हालातों को चुनौती देते हुए महज 19 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। चार जनवरी की शाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले इरफान को जितनी जल्दी कामयाबी मिली वह उतनी जल्दी ही अपनी चमक बिखेरकर ओझल भी हो गए। इरफान पठान ने सभी का ध्यान अपनी तरफ उस वक्त खींचा जब एशिया अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक ही पारी में 9 विकेट हासिल किए। इसके बाद इरफान को राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई। इरफान का पहला दौरा ऑस्ट्रेलिया का था। साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू के दौरान वह महज 19 साल के थे। एडिलेड टेस्ट में पदार्पण करते हुए उन्होंने गिलक्रिस्ट और हेडन जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को पानी पिलाया था। मैच में भारत को जीत हासिल हुई। सीरीज में इरफान ने अपने चयन को सही साबित किया। साल 2006 तक पठान राष्ट्रीय टीम का नियमित हिस्सा रहे। साल 2006 में जब टीम इंडिया पाकिस्तान दौरे पर गई तब पठान की बहुत चर्चा हुई। पाकिस्तानियों ने कहा कि इरफान जैसे गेंदबाज पाकिस्तान के हर घर में है, लेकिन कराची टेस्ट में इरफान ने पहले ओवर में ही हैट्रिक लेकर धमाल मचा दिया था। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहले ओवर में ली गई इकलौती हैट्रिक है। पठान, भज्जी के बाद टेस्ट हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय थे।

साल 2008 में 24 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए आखिरी टेस्ट खेला था। उसके बाद वह दोबारा टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं बन सके। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह साल 2012 में टीम इंडिया का हिस्सा बने थे। अक्टूबर 2012 में वह टी-20 मैच में भारत की तरफ से श्रीलंका के खिलाफ खेले थे। इरफान ने भारत के लिए 29 टेस्ट खेले और 32.26 की औसत से 100 विकेट हासिल किए। बल्लेबाजी में 31.57 की औसत से 1105 रन भी बनाए जिसमें एक शतक भी शामिल है। 120 वन-डे मैच 173 विकेट लेने वाले पठान ने 23.39 की औसत से 1544 रन भी बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से अर्धशतक भी बनाए। भारत की तरफ से 24 टी-20 मैच में इरफान ने 28 विकेट हासिल किए और 172 रन भी बनाए। इरफान 2007 के टी-20 विश्वकप का हिस्सा थे। अपने भाई यूसुफ के साथ वह विश्वकप के फाइनल में खेले थे। ऐसा करने वाली भाइयों की यह पहली जोड़ी थी। उस समय के भारतीय कोच ग्रेग चैपल इरफान को बल्लेबाजी के लिए टॉप ऑर्डर में भेजने लगे। इरफान को चैपल एक ऑलराउंडर बनाने के प्रयास में थे, उनका यही प्रयास इरफ़ान के क्रिकेट करियर को ले डूबा।

अजय झा

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