भाजपा के हाथों से फिसला झारखण्ड, JMM, कांग्रेस, RJD गठबंधन की जबरदस्त जीत

15238
0
SHARE

झारखंड में भी भाजपा के हाथ से सत्ता निकल गई। यह सातवां राज्य है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ने पिछले दो साल में सत्ता गंवा दी है। झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। सत्ताधारी बीजेपी के लिए बहुमत का आंकड़ा जुटाना दूर की कौड़ी साबित हुआ और पार्टी का ‘अबकी बार 65 पार’ का सपना फेल हो गया। 81 सदस्यीय विधानसभा में जहां महागठबंधन ने बहुमत से ज्यादा 47 सीटें जीतीं तो वहीं सत्तारूढ़ भाजपा को सिर्फ 25 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। जेएमएम 30 सीटों पर जीत चुकी है और उसकी सहयोगी कांग्रेस 16 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। आरजेडी ने भी 1 सीट पर कब्जा जमाया है।

वहीं एनसीपी 1, जेवीएम 3, सीपीआईएमएल 1 और निर्दलीय 2 सीट पर जीत हासिल किया। चुनाव पूर्व सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली आजसू पार्टी को भी 3 सीटें ही मिलीं। इसी के साथ यह रिकॉर्ड कायम रहा कि झारखंड राज्य के गठन के 19 साल में कोई भी सत्तारूढ़ पार्टी वापसी नहीं कर सकी है। चुनाव में मुख्यमंत्री रघुवर दास भी बीजेपी के बागी सरयू राय से 15,000 से ज्यादा वोटों से हार गए हैं। वह भी तब, जब रघुवर दास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने चुनावी रैली की थीं। इसके अलावा भाजपा के 5 मंत्री चुनाव हार गए।

करारी हार के बाद रघुबर दास ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस चुनाव में बीजेपी को बड़े पैमाने पर अपने ही नेताओं से भीतरघात का सामना करना पड़ा। इसकी कई वजहें भी सामने आई। चुनाव से पहले दूसरे दलों से आए 5 विधायकों को बीजेपी ने टिकट दिया, जिसके कारण बीजेपी में बगावत हुई। बीजेपी ने 15 दिसंबर को ऐसे 11 बागी नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। इन सभी 11 बागी नेताओं ने बीजेपी के प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ा।

15 नवंबर, 2000 को बिहार से अलग होकर नया राज्य बनने के बाद झारखंड में 19 साल में पांचवीं बार सोरेन परिवार को सत्ता मिलने जा रही है। हेमंत के पिता तीन बार राज्य के सीएम रहे तो वहीं, हेमंत दूसरी बार सीएम पद संभालेंगे। गौरतलब है कि हेमंत सोरेन ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था। दुमका और बरहेट सीट से उन्होंने जीत दर्ज कर ली है। जीत की खुशी के बीच हेमंत सोरेन रांची में पिता शिबू सोरेन से मिलने उनके आवास पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने पहले पिता का आशीर्वाद लिया। हेमंत सोरेन ने कहा कि यह परिणाम पिता शिबू सोरेन के समर्पण और परिश्रम का नतीजा हैं। आज जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के संकल्प का दिन है। अब राज्य के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा। ये मील का पत्थर साबित होगा। उम्मीदें नहीं टूटेंगी। नौजवान, किसान, महिला, व्यापारी, बूढ़े-बच्चे, मजदूरों सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन को राज्य विधानसभा चुनाव में जीत के लिए बधाई दी।

बता दें कि दिसंबर, 2017 के बाद झारखंड सातवां राज्य है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने सत्ता गंवा दी है। 2017 के आखिर तक 72 फीसदी आबादी और 71 फीसदी भूभाग वाले 19 राज्यों में एनडीए की सरकार थी। झारखंड में सत्ता गंवाने के बाद दिसंबर, 2019 तक एनडीए के पास 16 राज्यों में ही सरकार बची है।इन राज्यों में 42.30 फीसदी आबादी और 35 फीसदी भूभाग आता है।
भाजपा विरोधी दलों की 13 राज्यों में सरकारें
वहीं कांग्रेस खुद के बूते या गठबंधन के जरिए महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, पुड्डुचेरी, सातवां राज्य अब झारखंड में सत्ता में है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, केरल में माकपा के नेतृत्व वाला गठबंधन, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस, ओडिशा में बीजद और तेलंगाना में टीआरएस सत्ता में है। एक और राज्य तमिलनाडु है, जहां भाजपा ने अन्नाद्रमुक के साथ लोकसभा चुनाव तो लड़ा था, लेकिन राज्य में उसका एक भी विधायक नहीं है। इसलिए वह सत्ता में भागीदार नहीं है।

अजय झा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here