मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म के विरोध पर जिंदा जलाई गई छात्रा ने तोड़ा दम

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देशभर में दुष्कर्म की वारदातें कम नहीं हो रही है। लोगों का दुष्कर्म को लेकर गुस्सा फूट रहा है। इसमें देखने वाली बात यह है कि अब आरोपी बचने के लिए दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जला रहे है। ऐसा ही मामला हैदराबाद और उन्नाव मामले में देखने को मिला है। वहीं, एक बार फिर इस तरह का मामला बिहार के मुजफ्फरपुर में सामने आया है, जहां एक युवती को सिर्फ इसलिए जला दिया गया क्योंकि उसने दुष्कर्म का विरोध किया। दरअसल, मुजफ्फरपुर में एक 20 वर्षीय युवती से उसके पड़ोसी ने दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन युवती ने इसका विरोध किया। जिसके बाद गुस्साए आरोपी ने उसे जिंदा जला दिया। युवती को इलाज के लिए पटना के अपोलो बर्न हास्पिटल लाया गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा था लेकिन सोमवार रात 11:40 बजे उसने दम ताेड़ दिया। वह अस्पताल में 10 दिसंबर से भर्ती थी। 7 दिसंबर को दुष्कर्म में विफल रहने पर युवती काे राजा और उसके साथी मुकेश ने केराेसिन छिड़क कर जला दिया था। वह 95%जल गई थी। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित के पिता ने कहा है कि हम सरकार से न्याय की मांग करते हैं, पुलिस आरोपी पर कड़ी कार्रवाई करें। इस मौत की खबर मिलते ही पटना के बर्न अस्पताल में हर कोई गम में डूब गया।

जबकि उसके गांव अहियापुर के नाजिरपुर गांव में भी मातम पसर गया। सभी की जुबान पर यही बात थी कि दरिंदों को फांसी की सजा जरूर दी जानी चाहिए।बीते 3 साल से छेड़खानी से परेशान युवती और उसके परिजन ने थाने में 5 बार शिकायत की। लेकिन किसी ने नहीं सुनी। पुलिस ने उल्टा उसे ही नसीहत दी थी, कि आरोपी के परिवार से मत उलझाे। छेड़खानी से लेकर जिंदा जलाए जाने और इलाज से माैत तक हर स्तर पर चूक हुई। वारदात के बाद भी पुलिस ने एफआईआर में छेड़खानी या दुष्कर्म के प्रयास की धारा नहीं लगाई। छेड़खानी की धारा जाेड़ने के लिए बीते गुरुवार काे काेर्ट में अर्जी लगाई गई थी। देश भर में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन फिर भी ‘आधी आबादी’ के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा।

अजय झा

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