महाराष्ट्र में सियासी सर्जिकल स्ट्राइक, फडणवीस फिर बने CM, अजित पवार डिप्टीCM

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महाराष्ट्र में शनिवार सुबह भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। प्रदेश में सियासी रस्साकस्सी के बीच भाजपा ने बाजी मारते हुए एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली है। देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह राजभवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एनसीपी के अजित पवार को भी उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट गया। राज्यपाल ने फडणवीस सरकार को 30 नवंबर तक बहुमत साबित करने का समय दिया है।फडणवीस ने मुख्यमंत्री के तौर पर दोबारा शपथ लेकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने ऐसे समय पर शपथ ली है जब माना जा रहा था कि राज्य में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सरकार बनाने वाली है और मुख्यमंत्री पद के लिए उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बन गई है। शुक्रवार को तीनों दलों के बीच सरकार गठन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। लेकिन शनिवार की सुबह जब लोगों को अपने घरों में अखबार मिले तो उनमें शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री बताया गया था। उद्धव के मुख्यमंत्री बनने की बड़ी खबरें ज्यादातर हिन्दी-अंग्रेजी अखबारों के पहले पन्ने पर प्रमुखता से छपी थी। कुछ अखबारों ने जहां इसे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन के फैसले के रूप में बताया था, वहीं कई ने हेडिंग में सीधे तौर पर उद्धव के अगले सीएम होने की बात लिखी। लेकिन अभी कई लोगों ने अखबार खोला भी नहीं था कि ये खबर बदल गई जब फडणवीस को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।

दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘लोगों ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना ने परिणाम आने के बाद दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन करने की कोशिश की। जिसकी वजह से राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत है न कि खिचड़ी सरकार की।’ राज्य के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के अजित पवार ने कहा, ‘परिणाम वाले दिन से लेकर आज तक कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना पाई है। महाराष्ट्र कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है जिसमें किसान का मुद्दा भी शामिल है। इसलिए हमने स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार जी को बधाई। मुझे विश्वास है कि वे महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगन से काम करेंगे। अमित शाह ने महाराष्ट्र की दोबारा कमान संभालने वाले देवेंद्र फडणवीस को बधाई देते हुए ट्वीट किया, श्री देवेंद्र फडणवीस जी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और श्री अजित पवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। मुझे विश्वास है कि यह सरकार महाराष्ट्र के विकास और कल्याण के प्रति निरंतर कटिबद्ध रहेगी और प्रदेश में प्रगति के नए मापदंड स्थापित करेगी।

वहीं शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि एनसीपी नेता अजित पवार ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला कर शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपा है. उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि राज्य अजित पवार को उनके इस कृत्य के लिए कभी माफ नहीं करेगा। संजय राउत ने कहा, ‘अजित पवार ने शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपा है। सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिलाना विश्वासघात है। अजित पवार के फैसले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार की मंजूरी नहीं है।सबसे दिलचस्प बात ये है कि भाजपा के लिए विपक्षी नेताओं के भतीजे बेहद लकी हैं। अक्टूबर 2019 में हरियाणा और महाराष्ट्र दो राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। इन दोनों राज्यों में विपक्षी नेताओं के भतीजों की मदद से भाजपा सरकार बनाने में सफल रही। हरियाणा में इनेलो नेता अभय चौटाला से विवाद के बाद अलग पार्टी बनाने वाले भतीजे जजपा नेता दुष्यंत चौटाला से गठबंधन कर भाजपा ने सरकार बनाई। वहीं, महाराष्ट्र में राकांपा नेता शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई। दोनों में एक समानता ये भी है कि दोनों को उप-मुख्यमंत्री का पद दिया गया। बहरहाल ये कहना गलत नहीं होगा क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी संभव है। कभी आपको लगता है कि आप मैच हार रहे हैं, लेकिन परिणाम एकदम विपरीत हो जाता है। अब तो लोग यही कहेंगे महाराष्ट्र में टुटा घड़ी शरद पवार का,समय आ गया फडणवीस -अजित सरकार का।

अजय झा

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