चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के लिए भारत रत्न की मांग उठी

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में अब सीधे राम मंदिर बनेगा। केंद्र सरकार की ओर से बनाए जाने वाले ट्रस्ट को जमीन सौंपी जाएगी। इसके अलावा प्रथम दृष्टया इस जमीन को लेकर अब कोई अन्य लिखा-पढ़ी नहीं होनी है। कोर्ट ने रामलला विराजमान को कानूनी मान्यता देते हुए विवादित भूमि 2.77 एकड़ का मालिकाना हक उनको सौंप दिया। राजस्व विभाग के अफसरों का मानना है कि जमीन विराजमान रामलला के पक्ष में बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सीधे सौंप दी जाएगी। वहीं, जब तक ट्रस्ट नहीं बनता, भूमि रिसीवर के कब्जे में ही रहेगी। खास बात ये है की यूपी में बीते ढाई साल में यह पहला मौका था जब किसी दिन पूरे प्रदेश में एक भी हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार या डकैती की वारदात न हुई हो। डीजीपी मुख्यालय के अधिकारियों को भी यकीन नहीं हो रहा था कि प्रदेश के 75 जिलों में एक भी घटना नहीं हुई। आपको बता दें की इन पांच जजों ने दिया ऐतिहासिक फैसला – जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए बोबडे, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर। इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रंजन गोगोई के कार्यकाल को आने वाली पीढ़ियां इतिहास के रूप में याद करेंगी।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा श्रीराम जन्मभूमि मामले में दिए गए एतिहासिक निर्णय के बाद वैशाली के लालगंज के पूर्व कांग्रेस विधायक भरत प्रसाद सिंह ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोईके लिए सरकार से भारत रत्न की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देश में शांति का माहौल है। इसके पूर्व के जितने भी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रहे उन्होंने इस केस को छूना पसंद नहीं किया।लोगों को ये आशंका थी की फैसले से आपसी सौहार्द बिगड़ सकता है, दंगा भड़क सकता है।फैसले के दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो हरवर्ग के लोगों के चहरे पर मुस्कान थी। हिन्दू मुस्लिम ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर गले लगाया। भरत सिंह ने कहा की जो लोग मंदिर के नाम पर अपनी दुकान चला रहे थे उन सभी लोगों की दुकानें बंद हो गई। उन्होंने कहा की रंजन गोगोई के अवकाशप्राप्त होने के पश्चात् उनसे मिलकर क्षत्रिये महासभा की तरफ से उनका आभार प्रकट करेंगे और उन्हें सम्मानित करेंगे। भरत सिंह ने कहा कि जिस प्रकार देशहित में ए पी जे अब्दुल कलाम जी को देश का राष्ट्रपति बनाया गया उसी प्रकार सभी राजनीतिक दल मिलकर देश का अगला राष्ट्रपति रंजन गोगोई को बनाये।

अजय झा

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