उपचुनाव: समस्तीपुर सीट पर चौंकाने वाले होंगे नतीजे

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21 अक्टूबर को एक लोकसभा और 5 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम गुरुवार को आ जाएंगे। नतीजों में कौन मारेगा बाजी इसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब से अनुमान लगा रहे हैं। समस्तीपुर लोकसभा चुनाव सम्पन्न होने के साथ ही 24 अक्टूबर को होने वाली मतगणना का हर किसी को इंतजार है। इसी के साथ ही जीत-हार को लेकर प्रत्याशी सहित समर्थकों का कयास लगने शुरू हो गए हैं। हालांकि एक तथ्य जो सभी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को परेशान कर रहा है, वह है कम वोटर टर्न आउट। बता दें कि समस्तीपुर सीट पर पिछलेवार की तुलना में 15 % कम इस बार मतदान हुआ है। इस चुनावी अखाड़े में जहां NDA के उम्मीदवार लोजपा से प्रिंस राज हैं। दूसरी तरफ महागठबंधन से कांग्रेस के डॉ अशोक राम हैं। वहीँ इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी अनामिका पासवान ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाकर दोनों ही प्रत्याशियों का गणित बिगाड़ दिया है। लिहाजा समस्तीपुर सीट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे अनामिका, अशोक राम और प्रिंस राज के बीच कांटे की टक्कर हुई है। वहीं अनामिका ने इस चुनाव में पूरी ताकत लगाकर इस उपचुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है। इस उपचुनाव में जहां प्रिंस राज को सहानुभूति वोट की उम्मीद है तो वहीँ कांग्रेस के लिए करो या मरो जैसी स्थिति है। क्योंकि कई बार से कांग्रेस के डॉ अशोक राम को हार का मुँह देखना पर रहा है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी अनामिका के पास खोने को कुछ भी नहीं है,लेकिन पाने को बहुत कुछ है। जिस प्रकार अनामिका ने डोर टू डोर जाकर लोगो से खुद को कनेक्ट किया है इसका फायदा उन्हें मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। गौरतलब है की जो लोग NDA और महागठबंधन दोनों से नाराज चल रहे हैं वैसे मतदाता ने अपना भरोसा निर्दलीय पे जताया है।


बता दें कि इस उपचुनाव में लोगों में जागरूकता की कमी भी साफ तौर पर देखि गई। चुनाव आयोग ने तमाम प्रयास किए थे कि मतदाता घरों से बाहर निकलें। इसके लिए मतदाताओं में जागरूकता को लेकर भी कार्यक्रम चलाये गये, लेकिन मतदाताओं का उपचुनाव में ज्यादा अभिरूचि नहीं होना जिला प्रशासन के किये कराये प्रयासों पर भी पानी फेर दिया। लोकसभा उपचुनाव में इस बार नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया। देश में पहली बार मोबाइल एप से वोटरों की पहचान और मिलान की गई। मोबाइल एप के माध्यम से वोटरों को दी गई पर्ची का क्यूआर कोड स्कैन किया गया। स्कैन के साथ ही वोटर की तस्वीर, नाम आदि विवरण उनके सामने आया। इससे उनकी सही पहचान हो सकी। गलत आदमी को वोटिंग करने से रोका गया।बहरहाल देखना दिलचस्प होगा की बिहार की एक मात्र लोकसभा सीट समस्तीपुर पर किसका कब्ज़ा होता है। सभी की नजरें इस सीट पर टिकी है की दीवाली से पहले आनेवाले नतीजे से किस पार्टी की दिवाली मनती और किस पार्टी का दिवाला।
अजय झा

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