बिहार में पानी की मनमानी से अबतक 32 की मौत, नीतीश बोले- किसी के हाथ में कुछ नहीं

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बिहार में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। पटना समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बारिश और बाढ़ से राज्य में अबतक 32 लोगों की मौत हो चुकी है।पटना, भागलपुर, मुंगेर और कैमूर जिलों में भारी बारिश के चलते बिल्डिंगों और पेड़ों के गिरने की अलग-अलग घटनाओं में अभी तक कुल 32 लोगों की ज़िंदगियां ख़त्म हो चुकी है। ये 4 जिले राज्य के उन एक दर्जन जिलों में शामिल हैं जो कि पिछले तीन दिनों से हुई भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसके चलते यहां पर सामान्य जनजीवन में रुकावट पैदा कर दी और रेल मार्गों और यातायात को भी प्रभावित किया है। मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर रेलवे ट्रैक भी पानी मे डूबा हुआ है। बाढ़ के चलते कई गाड़ियों के समय में बदलाव किया गया तो कुछ ट्रेनों के रद्द करने की खबर है। बताया जा रहा है कि मॉनसून की जोरदार बारिश के लिए सितंबर का महीना 102 सालों में सबसे ज्यादा भिगाने वाला बनने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक देशभर में सितंबर में औसत बारिश 247.1 मिलीमीटर हुई जो सामान्य से 48 फीसदी अधिक और 1901 के बाद रिकॉर्ड बारिश है। बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। वहीं पटना के कदम कुआं इलाके से हाईकोर्ट के जज साहब और उनके परिवार का रेस्क्यू करना पड़ा। शहर के गली, मोहल्ले, स्कूल-कॉलेज, सड़क, बाजार से शोरूम तक के अंदर पानी घुस गया है। पटना में जलजमाव से प्रभवित लोगों की मदद के लिए बिहार सरकार ने गृह मंत्रालय से 2 हेलिकॉप्टर की मांग की है।

पटना सिटी के अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) झील में तब्दील हो गया है। अस्पताल का मेडिसीन विभाग, इमरजेंसी, गायनी और शिशु रोग विभाग में पानी भर गया है। अस्पताल के कई वार्डों में एक फीट से अधिक पानी जमा है जिससे भर्ती मरीज और उनके साथ आए परिजनों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आलम ये है कि भारी बारिश से अस्पताल के आईसीयू में भी पानी घुस गया है, हालांकि अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आईसीयू के सभी मरीजों को पीएमसीएच रेफर कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के मद्देनजर फिर बैठक की और पटना में जलजमाव वाले इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। नीतीश कुमार ने डीएम के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में रिपोर्टरों के सामने आए और कहा कि हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मैं राज्य के लोगों से यह अपील करता हूं कि वे धैर्य और साहस रखें। सीएम ने कहा कि ऐसी स्थिति किसी के हाथ में नहीं होती, यह प्राकृतिक है। सभी लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जा रही है।

अजय झा

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