महागठबंधन एकजुटता दिखाने में भी रहा नाकाम,ज्वाइंट पीसी से गायब रहे तेजस्वी और मांझी

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कांग्रेस कार्यालय में महागठबंधन की ज्वाइंट प्रेस कांफ्रेंस में उस समय मनमुटाव देखने को मिला जब गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी का कोई बड़ा चेहरा मौजूद नहीं था। जो खुद को महागठबंधन का नेता घोषित कर चुके हैं वो नजर नही आये। महागठबंधन की प्रेस कांफ्रेंस में तेजस्वी की कौन कहे राजद के प्रदेश अध्यक्ष तक नहीं गये। पार्टी के एक विधायक कुमार सर्वजीत को भेजकर नुमाइंदगी की रस्म अदायगी कर ली गयी। वहीं इस प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदनमोहन झा, राज्य सभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह, रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, वीआईपी के मुकेश सहनी और हम के एक नेता उपस्थित थे। सिर्फ तेजस्वी यादव ही नहीं बल्कि जीतन राम मांझी ने भी आज साझा प्रेस कांफ्रेंस की पोल खोल दी। जीतन राम मांझी ने इस प्रेस कांफ्रेंस में अपनी के एक सचिव को भेज दिया। जिन्हे पहचान पाना भी महागठबंधन के दूसरे नेताओं के लिए मुश्किल हो रहा था। सदाकत आश्रम में आयोजित महागठबंधन की प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि 12 अक्टूबर को लोहिया की पुण्यतिथि है। उसकी तैयारी के लिए एक कमेटी बनाई गई है। लोगों में कार्यक्रम के प्रति उत्साह है। कुछ लोग महागठबंधन को लेकर अफवाह फैलाते रहते है। लेकिन इस दिन महागठबंधन की एकजुटता दिखेगी। तेजस्वी, मांझी के नहीं रहने पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यहां सभी पार्टियों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। आपको बता दें कि इससे पहले 27 अगस्त को लोकसभा चुनाव के बाद महागठबंधन की बैठक तेजस्वी यादव के घर पर हुई थी। बैठक के बाद जब सभी दलों के नेता मीडिया से बात करने आये तो तेजस्वी घर के अंदर ही रह गये। उन्होंने अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे को उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और मदन मोहन झा के साथ भेज दिया था। ऐसे में सवालों का उठाना लाजमी है कि क्या तेजस्वी अपनी सहयोगी पार्टी के नेताओं को अपने प्रदेश अध्यक्ष के स्तर का समझ रहे हैं। गौरतलब है कि इस प्रेस कांफ्रेंस में सवाल उठा कि महागठबंधन का नेता कौन होगा। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ये हमने तय नहीं किया है और समय आने पर इसे तय करेंगे। जबकि राजद पहले ही कह चुका है कि महागठबंधन के नेता तो तेजस्वी यादव ही होंगे और जिन्हें तेजस्वी से परहेज हैं वे महागठबंधन छोड़ कर जा सकते हैं।

अजय झा

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