बिहार में शराबबंदी के बावजूद छलक रहे जाम

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बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू हुए वर्षों बीत गए। बावजूद इसके शराब का कारोबार जोरों पर है और कारोबारी के हौसले बुलंद हैं। इस बीच, मोतिहारी में शराब तस्करी का नायाब तरीका देखने को मिला है।पेट्रोल-डीजल लाने वाले टैंकर के अंदर तहखाना बनाकर शराब ले जाने का मामला सामने आया है। उत्पाद विभाग को मिली गुप्त सूचना पर पुलिस ने एनएच-28 के कोटवा के पास मोगा ढ़ाबा के पास खड़े टैंकर की जांच की तो टैंकर में बने तहखाना का खुलासा हुआ। टैंकर खोला गया तो उसमें ढाई सौ कार्टन यानि 8400 बोतल हरियाणा निर्मित शराब बरामद हुआ। हालांकि इस मामले में न तो ट्रक चालक की गिरफ्तारी हुई है और न ही कारोबारियों का पता चल सका है। उत्पाद निरीक्षक ने बताया कि मामले की तहकीकात की जा रही है। वहीं दुसरी घटना सुपौल जिले की है।किसनपुर पुलिस ने शराब की एक बड़ी खेप को जब्त की है। किसनपुर के एनएच-327ए पर सोहागपुर चौहट्टा के नजदीक पुलिस ने एक ट्रक से शराब की ये खेप जब्त की है। वहीं शराब तस्करों सहित ड्राईवर और खलासी को भी गिरफ्तार किया गया है। जब्त ट्रक से करीब 154 कार्टन विदेशी शराब मिली है। लेकिन पुलिस को अब तक इसके मुख्य सरगना का पता नहीं चल पाया है।आपको बता दें कि बिहार में शराबबंदी के बाबजूद आय दिन किसी न किसी जिले से शराब की बड़ी खेपें बरामद होती रहती है।

पटना के कई होटलों में में लोग जाम छलकाते पकड़े गए है। सूबे के ग्रामीण क्षत्रों में शराब की होम डिलेवरी की जाती है। बड़ा सवाल ये उठता हैकि शासन प्रशासन के नाक के निचे शराब तस्कर शराब बेचते तो हैं लेकिन पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाते हैं। गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है। पॉलीथिन पर प्रतिबन्ध है। यहाँ तक की गुटखा, पान मसाला पर भी बैन लगा है लेकिन शहर हो या गांव ये सभी चीजें आसानी से आपको मिल जाएगी। वहीँ सूबे की पुलिस शराब की कुछ खेप को जब्त कर खुद ही अपनी पीठ थपथपाने में लगी रहती है और सत्ताधारी दल के नेता अभी भी बिहार में बहार होने की बात करते हैं।

अजय झा

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