वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन

5701
0
SHARE

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का रविवार को देहांत हो गया। वह 95 साल थे। जेठमलानी के बेटे महेश ने बताया कि जेठमलानीलम्बे समय से बीमार थे।उन्होंने नई दिल्ली स्थित अपने घर में सुबह 7: 45 बजे अंतिम सांस ली। महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम सरकार यहां लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में आज शाम को किया जाएगा। महेश ने बताया कि कुछ दिन बाद 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था। राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। इनकी गिनती देश के मशहूर क्रिमिनल वकीलों में की जाती रही है। वे बीजेपी और राजद की ओर से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। जेठमलानी का जन्म सिंध (पाकिस्तान) के शिकारपुर में 14 सितंबर 1923 को हुआ था और बंटवारे के बाद वह भारत आ गए थे। जेठमलानी ने 17 साल की उम्र में ही वकालत की डिग्री हासिल कर ली थी। उन दिनों प्रैक्टिस करने की न्यूनतम उम्र 21 साल रखी गई थी, लेकिन जेठमलानी की काबिलियत को देखते हुए इस उम्रसीमा में छूट दी गई।

राम जेठमलानी ने कई मशहूर और विवादित केसों की पैरवी की थी। जेठमलानी ने जो प्रमुख केस लड़े उनमें नानावटी बनाम महाराष्ट्र सरकार, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह, हर्षद मेहता स्टॉक मार्केट स्कैम, हाजी मस्तान केस, हवाला स्कैम, आतंकी अफजल गुरु, जेसिका लाल मर्डर केस, 2जी स्कैम केस और आसाराम का मामला शामिल है। इसके साथ ही जेठमलानी ने बाबा रामदेव, राजीव गांधी के हत्यारों, लालू यादव, जयललिता और जगन रेड्डी की भी पैरवी की थी।बता दें कि जेठमलानी अपने बयानों की वजह से भी अक्सर चर्चा में रहे। अपने अंदाज़ और अपने तेवर में कभी भाजपा में रहे जेठमलानी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री का पदभार संभाला था। बाद में पार्टी से 6 साल के लिए प्रतिबंधित होने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ ही चुनाव लड़ने उतर गए थे। उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह,अरविंद केजरीवाल ने शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह आज भले ही यहां न हों, लेकिन उनके किए गए काम हमेशा रहेंगे।

अजय झा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here