Chandrayaan-2 : चांद की दहलीज पर विक्रम का संपर्क टूटा पर उम्मीद नहीं, ऑर्बिटर करता रहेगा काम

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चांद के फलक पर हमारे कदमों के निशां और लहराता तिरंगा देखने का 130 करोड़ हिंदुस्तानियों का सपना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात चांद की दहलीज तक पहुंच गया था। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ के उतरने की सारी प्रक्रिया सामान्य थी। 35 किमी ऊपर से सतह पर उतरने की प्रक्रिया का काउंटडाउन 1:38 बजे शुरू हुआ। 13 मिनट 48 सेकंड तक सब कुछ सही चला। तालियां भी गूंजी, मगर आखिरी के डेढ़ मिनट पहले जब विक्रम 2.1 किमी ऊपर था, तभी करीब 1:55 बजे उसका इसरो से संपर्क टूट गया। वहीं इसरो के एक अधिकारी का कहना है कि’मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है। एक साल मिशन अवधि वाला ऑर्बिटर चंद्रमा की कई तस्वीरें लेकर इसरो को भेज सकता है। इसके साथ ही 978 करोड़ रुपये लागत वाले चंद्रयान-2 मिशन के भविष्य पर सस्पेंस बन गया है। बताते चलें कि दक्षिणी ध्रुव पर आज तक कोई भी देश लैंड नहीं कर सका है। शुक्रवार सुबह से ही यह मिशन देश ही नहीं दुनियाभर में चर्चा का सबसे बड़ा विषय था। करोड़ों लोग जहां रात तक टीवी पर जमे रहे, वहीं सोशल मीडिया पर भी छाया रहा।

इसरो केंद्र में मौजूद देशभर से चुने गए 70 प्रतिभाशाली छात्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मौके पर मौजूद रहे। पीएम ने विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के बाद कहा, हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है, कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नोलॉजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती हैं। ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है। विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं। वैज्ञानिकों को संबोधित करने के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी इसरो मुख्यालय से जाने लगे तो इसरो चीफ के. सिवन पीएम मोदी के गले लगकर रोने लगे।पीएम मोदी ने गले लगाकर इसरो चीफ की पीठ थपथपाई और हौसला बढ़ाया। चंद्रयान -2 से संपर्क टूटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यह सफर थोड़ा लंबा जरूर हुआ है लेकिन आने वाले कल में सफलता जरूर मिलेगी। सोनिया ने एक बयान में इसरो के वैज्ञानिकों के उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की।उन्होंने कहा, ”हम इसरो और इससे जुड़े पुरुषों एवं महिलाओं के ऋणी हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि निराश होने वाली कोई बात नहीं है. नायडू के मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। इसरो का केवल लैंडर से संपर्क टूटा है, 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीद नहीं..

सुजाता झा

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