बिहार में बाढ़ से 200 से अधिक लोगों की मौत

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बिहार में बाढ़ का पानी मनमानी करते हुए जहाँ भी घुस रहा है वहां सिर्फ तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। बिहार में बाढ़ के कहर से 123 लोगों की मौत की पुष्टि आपदा प्रबंधन विभाग ने की है। हालांकि गैर आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इसकी संख्या 230 है। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण नदियों के पास बसे ग्रामीण भयभीत हैं। दरअसल नेपाल के ऊपरी इलाके में हुई बारिश का पानी बिहार के निचले इलाके में तबाही लाती है। जाहिर है इससे बिहार के नेपाल से लगे इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि पहले से बुरी तरह बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं। बिहार के 12 जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है और कोसी और सीमांचल क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से स्थिति और भी विकराल हो सकती है। मुख्य सचिव दीपक कुमार ने इस बात की जानकारी देते हुए सरकार की पूरी तैयारी के दावे भी किए हैं। बता दें कि जलस्तर में वृद्धि से उत्तर बिहार की अधिकतर नदियां विकराल रूप ले चुकी हैं। वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 26 कंपनियां बाढ़ पीड़ितों के राहत और बचाव में जुटी हुई हैं। राहत और बचाव का काम जोरों पर है लेकिन सच्चाई ये भी है कि लाखों लोग अब भी राहत के इन्तजार में हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 12 जिलों के 1123 पंचायतों में 80 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मौत के गैर आधिकारिक आंकड़ों पर जिलावार नजर डालें तो मोतिहारी में बाढ़ से अब तक 53, सीतामढ़ी में 40, मधुबनी में 33, दरभंगा में 25, पूणियां में16, अररिया और कटिहार में 15 -15, शिवहर में 14 मौतें हो चुकी है। वहीं, किशनगंज में अब तक 8, सहरसा में 5 , सुपौल और समस्तीपुर में 3 -3 लोगों की मौत हुई है। हालात को देखते हुए ये समझा जा सकता है की ये आंकड़े अभी और बढ़ सकते हैं। जरा सोचिये इस बाढ़ की विभीषिका में लोगों के घर बह गए,कपडे बह गए,अनाज बह गए घर में रखे सारे सामान बह गए, कई ज़िंदगियाँ बह गई तो क्या सरकार की संवेदनाये भी बह गई ? जब बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे की राशि के तौर पे एक परिवार को सिर्फ 6000 रूपये दिया जाता है। आप अंदाजा लगाइये की इन पैसों से अपने परिवार के भूख को कोई कितने दिनों तक शांत कर सकता है। पिछले दिनों बिहार में जहाँ चमकी बुखार से 200 से अधिक नौनिहालों की मौत हो गई। वहीं इसी बिहार में लू लगने से 200 से अधिक लोग मर गये। अब बाढ़ भी मौत का दोहरा शतक लगा चुकी है। आश्चर्य तो तब होता है जब लोग कहते हैं बिहार में बहार है सुशासन बाबू की सरकार है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने किसी न किसी देश का दौरा करते है लेकिन बिहार आना मुनासिब नहीं समझते। क्योंकि बिहार ने लोकसभा चुनाव में उन्हें 40 में से 39 सीटें जो दी है।

अजय झा

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