जनता को बाढ़ में छोड़कर कहां गायब हो गए सांसद और विधायक ?

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बिहार के एक दर्जन से अधिक जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और इसका असर 20 लाख से अधिक ज़िन्दिगियों पर पड़ा है। अब तक 60 से अधिक मौत हो चुकी है और कई इलाकों से लोग पलायन कर गए हैं। इन सबके बीच बड़ी हकीकत ये है कि चुनाव के दौरान गांव-गली की खाक छानते रहे अधिकतर नेता चुनाव बाद से ही लापता हैं। यहां तक कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों के अधिकतर सांसद-विधायक अपने इलाके से ही नदारद हैं। मिली जानकारी के अनुसार कोई पटना में तो कोई दिल्ली में हैं। बिहार में बाढ़ का कहर सबसे अधिक मोतिहारी जिलामें देखने को मिल रहा है।यहां अब तक 22 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन यहां से सांसद राधामोहन सिंह अपने क्षेत्र में नहीं हैं। वहीं पश्चिमी चम्पारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल भी अपने क्षेत्र में न रहकर दिल्ली में मौजूद हैं। बिहार में बाढ़ से दूसरा सबसे अधिक प्रभावित जिला सीतामढ़ी है। यहां भी जल के जलजले से 15 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन सीतामढ़ी के सांसद सुनील कुमार पिंटू और शिवहर की सांसद रमा देवी, दोनों ही अपने क्षेत्र से गायब हैं। रही बात विधायकों की तो सीतामढ़ी के शहर के विधायक सुनील कुशवाहा की भी कोई गतिविधि नहीं है। सुरसंड से अबू दुजाना भी गायब हैं। हालांकि एक दो विधायक क्षेत्र में मौजूद हैं जिनमें रीगा से कांग्रेस विधायक अमित कुमार टुन्ना पीड़ितों की सेवा में पूरी ततपरता से लगे हैं। वहीं परिहार की विधायक गायत्री देवी इलाके में तो हैं, लेकिन मदद के नाम पर उनके द्वारा कुछ खास नहीं कर पा रही हैं। वहीं मधुबनी जिले में 2 लोकसभा सीट है यहां मधुबनी सीट से सांसद डॉ अशोक यादव दिल्ली में हैं जबकि झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल 14 जुलाई को क्षेत्र में किए गए उनके विरोध के बाद दिल्ली लौट गए हैं। यहां के 10 में से 8 विधानसभा क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। झंझारपुर के राजद विधायक गुलाब यादव14 जुलाई को क्षेत्र में थे, लेकिन फिलहाल वे पटना में हैं। फुलपरास की एमएलए गुलजार देवी पटना में हैं। खजौली के राजद विधायक सीताराम यादव, बाबूबरही के जदयू एमएलए कपिलदेव कामत, राजनगर के बीजेपी एमएलए रामप्रीत पासवान, बेनीपट्टी की कांग्रेस विधायक भावना झा, हरलाखी के विधायक सुधांशु शेखर, बीजेपी MLC बिनोद नारायण झा, कांग्रेस MLC प्रेमचंद्र मिश्रा, बीजेपी.MLC सुमन महासेठ अपने क्षेत्र में नहीं हैं। दरभंगा से सांसद गोपाल जी ठाकुर क्षेत्र में नहीं रहकर दिल्ली में हैं। वहीं अलीनगर के राजद विधायक अब्दुलबारी सिद्दीकी भी पटना में ही हैं। मदन सहनी भी अपने क्षेत्र में नहीं हैं। जिले के 106 पंचायत बाढ़ प्रभावित हैं, लेकिन नरपतगंज से राजद विधायक अनिल यादव, फारबिसगंज से भाजपा विधायक मंचन केसरी, सिकटी से बीजेपी विधायक विजय मंडल, रानीगंज से जदयू विधायक पटना में हैं। हालांकि अररिया के भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह इलाके में मौजूद हैं। वहीं किशनगंज के कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद भी अपने क्षेत्र से लापता हैं। पूर्णिया में बायसी के विधायक हाजी अब्दुस सुबहान अपने क्षेत्र में नहीं हैं। हालांकि अमौर के विधायक अब्दुल जलील मस्तान अपने इलाके में है। सहरसा के महिषी से राजद के विधायक अब्दुल गफ्फूर भी गायब हैं। वहीं कटिहार में कदवा के विधायक शकील अहमद खान और सांसद दुलाल गोस्वामी क्षेत्र में मौजूद हैं। बताते चले कि लोकसभा चुनाव के दरम्यान पीएम मोदी एक सप्ताह के भीतर दो दो बार बिहार का दौरा करते थे,लेकिन इतनी जानें जाने के बाद भी एक बार भी बिहार आना मुनासिब नहीं समझे। आपको याद होगा कि बिहार की सत्ता में अपनी वापसी के लिए नीतीश कुमार किस कदर बेक़रार थे। चुनाव के समय ये गाना खूब सुर्खियां बटोरी की बिहार में बहार हो, फिर से एक बार हो, नीतीशे कुमार हो। ऐसे में बिहार की जनता के लिए ये सबसे बड़ा सुलगता हुआ सवाल है कि पिछले दिनों बिहार में चमकी बुखार से 200 से ज्यादा मौत और लू लगने की वजह से 150 से अधिक मौतें हो चुकी है। जबकि जल सैलाब की बजह से 60 से अधिक जाने जा चुकी है। ऐसे में ये सोचना लाजमी है की बिहार में ये कैसा बहार है, नीतीशे की सरकार है और जल के जलजले के बीच जनता को छोड़कर नेता ही फरार है।

अजय झा

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