आम बजट 2019: गरीबों पर करम, अमीरों पर सितम, मिडिल क्लास खाली हाथ

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पेट्रोल-डीजल पर एक रुपये प्रति लीटर सेस, सस्ता और अपना मकान की दिशा में राहत। ई वाहन और स्टार्ट अप पर फोकस, आयकर जस के तस। दो से पांच करोड़ तक की सालाना आय पर अधिभार तीन फीसदी और पांच करोड़ से अधिक की आय पर चार फीसदी अधिभार। सालाना एक करोड़ से अधिक बैंकिंग लेनदेन पर दो फीसदी टीडीएस। आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए पैन अनिवार्य नहीं, आधार के जरिए भी दाखिल कर सकते रिटर्न। सोना और मूल्यवान वस्तुओं पर दस फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी, तंबाकू उत्पाद पर भी शुक्ल वृद्धि। 2020 तक सभी को घर, हर गांव को बिजली, उज्जवला योजना के जरिए गांवों में स्वच्छ ईंधन।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आजादी से चले आ रहे ब्रीफकेस के ट्रेंड को खत्म कर दिया। वे परंपरा बदलते हुए ब्रीफकेस की जगह एक फोल्डर में बजट लेकर निकलीं। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार का पहला बजट पेश किया। इस बजट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह देश के लिए ड्रीम बजट है। यह लोगों की आकांक्षाओं का बजट है। इससे उद्यम-उद्यमियों को मजबूती मिलेगी। इसमें गांव-गरीब का ख्याल रखा गया है। यह बजट शिक्षा को बेहतर बनाएगा, आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) और स्पेस (उपग्रह) का फायदा लोगों को मिल पाएगा। उधर, कांग्रेस ने कहा कि इस बजट में कुछ भी नया नहीं है। पुराने वादों को फिर से दोहराया गया है। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स से जुड़े हुए कई ऐलान किए। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि मिडिल क्लास को खुश करने के लिए टैक्स से जुड़ी कुछ राहतें घुमा-फिराकर दी गईं। मसलन अगर आपको टैक्स बचाना है, तो ई-वीइकल या फिर घर खरीदने पर खर्च करना होगा। अगर कोई शख्स लोन लेकर 45 लाख रुपये तक का घर खरीदता है तो उसे इनकम टैक्स में 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट मिलेगी। यह छूट उन्हें ही मिलेगी जो होम लोन मार्च 2020 से पहले या उस महीने तक लेंगे। वहीं आम बजट से अमीरों पर टैक्स का बोझ बढ़ने की बात भी कही जा रही है। 2 करोड़ की आय तक टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 2 से 5 करोड़ की आय पर 3 फीसदी अतिरिक्त कर लगेगा। वहीं 5 करोड़ से ज्यादा की आय पर 7 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगेगा। सरकार नई शिक्षा नीति लाएंगे। शिक्षा नीति पर अनुसंधान केंद्र भी बनाया जाएगा। राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान (National Research Foundation) बनाने का ऐलान किया गया। सरकार उच्च शिक्षा के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी। दुनिया के टॉप 200 कॉलेज में भारत के सिर्फ 3 कॉलेज हैं, ऐसे में सरकार इन संख्या को बढ़ाने पर जोर देगी। महिलाओं के विकास के लिए मोदी सरकार ने ऐलान किया कि जनधन खाताधारक महिलाओं को 5000 रुपये ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी। महिलाओं के लिए अलग से एक लाख रुपये के मुद्रा लोन की व्यवस्था की जाएगी। विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। अब NRI को भारत आते ही आधार कार्ड देने की सुविधा मिलेगी, साथ ही अब उन्हें 180 दिनों तक भारत में रहने की जरूरत नहीं है। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस एक लाख किमी तक सड़कों को बेहतर किया जाएगा। रेल बजट पेश करते हुए कहा रेल ढांचे के लिए 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप (पीपीपी) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए रेल ट्रैक के विस्तार और सुधारीकरण के साथ स्टेशन के ढांचागत विकास पर जोर दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि स्फूर्ति के जरिए देश में 100 नए क्लस्टर बनाए जाएंगे। 20 प्रोद्योगिकी बिजनेस इंक्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे, जिसके जरिए 20 हजार लोगों को स्किल दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया तो इसमें बिहार भी छाया रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में प्रदेश में चल रही ‘हर घर नल का जल योजना’ का जिक्र करते हुए इसे केंद्रीय बजट में शामिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय के तहत शामिल उनके इस ड्रीम प्रोजेक्ट को केंद्र की योजना बनाते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि 2024 तक ‘हर घर में नल का जल’ पहुंचाया जाएगा।

अजय झा

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