बिहार विधान सभा में चमकी बुखार से बच्चों की मौत पर विपक्ष ने किया हंगामा

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मॉनसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने चमकी बुखार (एईएस) से बच्चों की मौत पर हंगामा किया। सदन के बाहर और अंदर विपक्षी नेताओं ने हंगामा व नारेबाजी की। चमकी बुखार से बच्चों की मौत पर सदन में चर्चा के लिए विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे मंजूर किया गया। राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने चमकी बुखार से बच्चों की मौत को राज्यसरकार की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से हर साल बच्चों की मौत होती है, लेकिन सरकार इसकी रोकथाम नहीं कर पाई। सिद्दीकी ने कहा कि जिस तरह से पीएम मोदी ने AES से मासूम बच्चों के प्रति संवेदना जाहिर की और हकीकत को स्वीकार किया इसके लिए उनका आभार। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जहां चाहते हैं वहीं सरकार की रहम होती है और उन्हीं इलाकों में ही विकास होता है स्वास्थ्य मंत्री बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने में विफल रहे। बिहार विधानसभा में कार्यवाही के दौरान जब स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे अपना पक्ष रख रहे थे तो विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी दलों के विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को बर्खास्त करने की मांग की। विरोधी दलों के नेता सीएम नीतीश कुमार से जवाब देने की मांग करने लगे और मंगल पांडे को इंटरप्ट करते रहे। जब मंगल पांडे खड़े हो कर अपना जवाब देने लगे तो विपक्ष ने मंगल पांडे का जवाब नहीं सुना और वॉक आउट कर गए। बावजूद इसके मंगल पांडे ने सरकार के अब तक किए गए कार्यों को विस्तार से बताया। बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वामपंथी विधायकों के अलावे राजद के विधायक हाथ मे बैनर-पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। बता दें की राज्य में चमकी बुखार से अबतक करीब 200 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीँ बीते 25 जून को खबरें आई थीं कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का इस्तीफा मांग रहे हैं। हालांकि बीजेपी सूत्रों ने भी स्पष्ट संकेत दिया था कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। इस खबर के बाद बीजेपी और जेडीयू के बीच तल्खी दिखने लगी थी।

अजय झा

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