NDA की प्रचंड जीत,धराशायी हुआ महागठबंधन, 17 राज्यों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला

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ये वो राज्य हैं जहां कांग्रेस का खता नहीं खुला –
आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, चंडीगढ़, दादरा नागर हवेली, दमन दीव, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, मणिपुर, दिल्ली, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा और उत्तराखंड जहां कांग्रेस महज 1 सीट के लिए भी तरसती रह गई।

जिस शख्स को टाइम मैगजीन ने डिवाइडर इन चीफ कहा था, चुनावी नतीजे सामने आने के बाद वही नरेंद्र मोदी शीर्ष पर खड़े नजर आ रहे हैं। 2019 के आम चुनावों में उनकी शानदार जीत ने भारत के प्रति नज़रिया बदल दिया है। मोदी मैजिक ने जाति, क्षेत्र, लिंग जैसी मान्यताओं को तोड़ दिया है, जो आज़ादी के बाद से भारतीय राजनीति को परिभाषित करती रही हैं।भाजपा की जमीन पर जीत के गरजते बादलों से दिन भर वोटों की बारिश होती रही। जब शाम ढली और विजयरथ पर सवार नरेंद्र मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचे तो उनका स्वागत मेघों ने असल में बरस कर किया। अमित शाह के बाद जब पीएम मोदी ने संबोधन शुरू किया तो हजारों कार्यकर्ताओं से भरा प्रांगण मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में मिली प्रचंड बहुमत के लिए देश की जनता का आभार प्रकट किया। दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पीएम मोदी के साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने कहा, चुनावों के बीच क्या हुआ, मेरे लिए वो बात बीत चुकी है। हमें सबको साथ लेकर चलना है, घोर विरोधियों को भी देशहित में उन्हें साथ लेकर चलना है। इस प्रचंड बहुमत के बाद भी नम्रता के साथ लोकतंत्र की मर्यादाओं के बीच चलना है। संविधान हमारा सुप्रीम है, उसी के अनुसार हमें चलना है। मोदी ने कहा, अब देश में सिर्फ दो जाति ही रहने वाली हैं और देश इन दो जातियों पर ही केंद्रित होने वाला है। 21वीं सदी में भारत में एक जाति है- गरीब और दूसरी जाति है- देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए कुछ न कुछ योगदान देने वालों की। पीएम ने कहा कि आज कोई विजयी हुआ है तो लोकतंत्र विजयी हुआ है, जनता विजयी हुई है। वहीं अमित शाह इस मौके पर ये बताना भी नहीं भूले कि17 राज्यों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। इन 17 में राजस्थान भी शामिल है जहां सरकार होने के बावजूद कांग्रेस शून्य पर सिमट गई है। ये वो राज्य हैं जहां कांग्रेस का खता नहीं खुला – आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, चंडीगढ़, दादरा नागर हवेली, दमन दीव, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, मणिपुर, दिल्ली, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा और उत्तराखंड जहां कांग्रेस महज 1 सीट के लिए भी तरसती रह गई। बिहार में महागठबंधन के नेता पूरे सवा दो सौ से ज्यादा सभाएं की और दो दर्जन से अधिक रोड शो किए। यहां तक की कांग्रेस ने भी कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों की जीत का दारोमदार तेजस्वी पर ही छोड़ दिया था।महागठबंधन की तीन अन्य सहयोगी रालोसपा, वीआईपी और हम तो तेजस्वी के सहारे ही इस चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद राजद नेता भी अब कानाफूसी करने लगे हैं कि तेजस्वी अपनी पहली ही परीक्षा में फेल हो गए हैं। इस चुनाव में महागठबंधन के नेताओ का सूपड़ा साफ हो गया। इस चुनाव में पीएम मोदी के राष्ट्रवाद ने राजद के जातिवाद को बहुत पीछे छोड़ दिया।ये कहा जा सकता है कि 2019 का फैसला कश्मीर से कन्याकुमारी तक स्मार्ट, कायदे से और लगातार विकसित और बेहतर की जा रही रणनीति अपनाने का नतीजा दिखता है। यह काम मोदी-शाह की जोड़ी ने बखूबी किया। उम्मीदवारों के चयन से लेकर विपक्षी पार्टी को स्लोगन-दर-स्लोगन जवाब देना। इन सबमें इस जोड़ी ने किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी। इस चुनाव में बीजेपी ने लीक से हटकर फैसले लिए। कुछ युवा, आग उगलते लोगों को टिकट दिया, जिसमें आतंकवाद के मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा शामिल थीं, जो भोपाल से खड़ी हुईं। युवा तेजस्वी सूर्या, क्रिकेटर गौतम गंभीर, सूफी गायक हंसराज हंस और भोजपुरी कलाकार रवि किशन को टिकट दिए गए। शुरुआती संकेत बताते हैं कि जिन 103 नए लोगों को टिकट दिए। इस बीच, दुनिया के तमाम नेता फिर से प्रधानमंत्री बनने जा रहे मोदी को बधाई दे रहे हैं। रूस के व्लादिमिर पुतिन, चीन के शी जिनपिंग, श्रीलंका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने मोदी को जीत पर बधाई दी है। जिन लोगों ने सबसे पहले बधाई दी, उसमें प्रधानमंत्री के करीबी दोस्त और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू शामिल हैं। उन्होंने हिंदी में ट्वीट करके बधाई दी।

अजय झा

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