मसूद अजहर अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित, पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब

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संयुक्त राष्ट्र ने बीते कुछ वर्षों में कई दौर की बैंठकों और चर्चा के बाद जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया है। आखिरकार चीन ने भी मसूद अजहर को बचाने की अपनी बार-बार की कोशशों से कदम पीछे खींच लिए। माना जा रहा है चीन के रूख मे यह परिवर्तन भारतीय कूटनीति की बड़ी जीत है। भारत ने सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव 26/11 को मुंबई में हुए आतंकवादी घटना के बाद किया था। लेकिन शुरू से ही चीन का रूख इस मामले में सख्त बना रहा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो पावर रखने वाले अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने भी जब मसूद अजहर पर प्रस्ताव दिया था तो चीन ने अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए इसपर भी वीटो लगा दिया था। 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध कमेटी की मार्च में हुई बैठक में मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव फिर से रखा। लेकिन चीन ने आखिरी समय पर एक बार फिर इसपर ‘तकनीकी रोक’ लगा दी। ये चौथी बार था जब चीन ने मसूद अजहर मामले में वीटो का प्रयोग किया था। तब चीन की वैश्विक स्तर पर निंदा होने लगी। अधिकतर देश यह कहने लगे कि वो पाकिस्तान में रहने वाले इस आतंकवादी का समर्थन कर रहा है। मसूद अजहर को लेकर चीन के बदले रुख का श्रेय अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस को भी जाता है। अब पाकिस्तान को मसूद अजहर पर कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि तो है ही लेकिन सियासत भी बड़ी अजीब चीज है। राजनीतिक पार्टियां और नेता हर मामले को लेकर अपने विपक्षी को कठघरे में खड़ा करने और उनपर निशाना साधने से पीछे नहीं रहते है। सबसे बड़ी बात यह है कि अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के चक्कर में ये ऐसे सवाल भी खड़े कर देते है जिनपर राजनीति नहीं होनी चाहिए। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अब अजहर के अतराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने की ‘टाइमिंग’ को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा मसूद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने पर कहा, ‘यह लंबे समय से अटका हुआ काम था। अच्छा हुआ कि यह हो गया। हालांकि यह काम बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। यह चुनावों के समय हुआ है, अब मुझे नहीं पता कि इसका चुनावों से कुछ लेना-देना है भी या नहीं। हालांकि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने खुशी जाहिर की है। वहीं पाकिस्तान दुनिया में बेनकाब होने के बाद अपनी शाख बचने के लिए मसूद अजहर के वैश्विक आतंकी घोषित होने को अपनी जीत बता रहा है।मसूद अजहर के वैश्विक आंतकी घोषित होने के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि हमने बहुत पहले ही उसे अपने देश के आतंकरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया था। दुनिया कुछ भी कहे लेकिन हकीकत तो यही है कि भारत कि ओर से दी गई अजहर की आतंकी गतिविधियों और उसके संगठन की जानकारी के कारण ही उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया जा सका।

अजय झा

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