क्या इस बार का चुनाव राष्‍ट्रवाद के नाम पर लड़ा जाएगा ?

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सीएम नीतीश कुमार ने बालाकोट एयर स्ट्राइक पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि राष्ट्र पर किसी प्रकार का आक्रमण या खतरा हो तो पूरा देश एकजुट हो जाता है.

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि राष्ट्र पर किसी प्रकार का आक्रमण या खतरा हो तो पूरा देश एकजुट हो जाता है. इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं है. जिनके हाथ में नेतृत्व है, उसका श्रेय उनको जाता है. इसके लिए लोगों में मोदी जी के प्रति सम्‍मान का भाव है.
दो दशक बाद होने वाला आम चुनाव राष्ट्रवाद के साये में होगा। पुलवामा हमला मामले में पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तहत भारतीय वायु सेना के सर्जिकल 2 को अंजाम देने के बाद भाजपा गदगद है। पार्टी को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से वर्ष 1999 में कारगिल युद्घ के बाद बही राष्ट्रवादी बयार बीते आम चुनाव की तरह पीएम मोदी के पक्ष में लहर पैदा करेगी। एक वोट से सरकार गिरने के बाद कारगिल युद्घ के कारण पूरे देश में बही राष्ट्रवादी बयार ने भाजपा की सत्ता में वापसी करा दी थी। तब महज 114 सीटों पर सिमटी कांग्रेस को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा था।
भाजपा के रणनीतिकारों की माने तो पाकिस्तान के खिलाफ इस कार्रवाई ने एक बार फिर से पूरे आमचुनाव को राष्ट्रवाद पर केंद्रित कर दिया है। राष्ट्रवाद के साये में होने वाले आम चुनाव में पार्टी के पास सबसे बड़ा राष्ट्रवादी सियासी चेहरा पीएम मोदी है। विपक्षी एका और बड़े राज्यों में विपक्षी गठबंधन से चिंता में पड़ी पार्टी इस चुनाव को किसी भी तरह से स्थानीय मुद्दों के इतर नेतृत्व के मुद्दे पर केंद्रित करना चाहती थी।

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