ओडिशा में बीजेपी v/s बीजद के बीच कांटे की टक्कर

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बेरहामपुर-: लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज उठी है देश के सभी राज्यों में सियासी तापमान पुरे उफान पर है। ओडिशा उन राज्यों में से है जहाँ लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ होने जा रहा है। ओडिशा के बेरहामपुर (गंजाम) लोकसभा सीट मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के गृह जिला होने के कारण अतिमहत्वपूर्ण सीट माना जाता है। बेरहामपुर लोकसभा सीट पर पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होना है। कांग्रेस ने वी. चंद्रशेखर नायडू, बीजू जनता दल (बीजद) ने चंद्र शेखर साहू, बहुजन समाज पार्टी ने तिरुपति राव करनम और बीजेपी ने भ्रुगू बक्सीपात्रा को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर चौतरफा मुकाबला देखने को मिल सकता है। इसके अलावा कम्युनिस्ट के सोमनाथ बेहरा, ओडिशा प्रगति दल के श्रीहरि पटनायक के अलावा दो निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बीजद के अलावा कांग्रेस और बीजेपी ने इस चुनाव में नए चेहरों पर दाव लगाया है। बेरहामपुर संसदीय क्षेत्र के इतिहास पर एक नजर डालते हैं -1952 से ही इस सीट पर चुनाव होते आ रहे हैं। पहले इस सीट का नाम घुमसुर था। 1957 में इस सीट का नाम गंजाम और 1962 में इस सीट का नाम छतरपुर रखा गया। आख़िरकार 1977 में इस लोकसभा क्षेत्र का नाम बदलकर बेरहामपुर हो गया। इस सीट पर 1952 से 1962 तक उमा चरण पटनायक का कब्ज़ा रहा। इसके बाद 1996 तक इस सीट पर कांग्रेस ने बादशाहत कायम रखी। 1996 में यहां से पूर्व PM पीवी नरसिम्हा राव कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर जीत का परचम लहराया। 1998 के लोकसभा इलेक्शन में भी यहां कांग्रेस का ही दबदबा रहा और जयंती पटनायक चुनाव जीते। 1999 में बीजेपी ने इस सीट पर अपना खाता खोला, बीजेपी के आनंदी चरण साहू ने यहां कमल खिलाया। कांग्रेस ने फिर से 2004 में जीत दर्ज की। अब दौर आया बीजू जनता दल का, 2009 में बीजू जनता दल ने इस सीट पर सिद्धांत महापात्रा को उतारकर अपनी जीत का शंखनाद किया। 2014 में भी बीजद के सिद्धांत महापात्रा विजय रथ पर सवार हुए। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस दूसरे स्थान पर और बीजेपी तीसरे स्थान पर रही। आपको बता दें कि ओडिशा में बीजेपी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। बीजेपी बीजद के कई पूर्व सांसद, मंत्री और विधायक को तोड़कर बीजेपी में शामिल करने में सफल रही है। बीजेपी का इस राज्य पर काफी फोकस है, तभी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ महीनों कई रैलियां कर चुके हैं। बीजेपी को लगता है कि राज्य की सत्ता पर कई साल से कायम बीजद के नवीन पटनायक को बेदखल करने का अच्छा मौका है।

ओडिशा से सुजाता झा/अजय झा की रिपोर्ट

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