बिहार में जंगलराज रिटर्न ! प्रति दिन हो रहे हैं 8 मर्डर

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कभी लालू राबड़ी की सरकार को जंगलराज बताकर  नीतीश कुमार सत्ता के शिखर पे पहुंचे। बिहार की जनता ने न सिर्फ एक बार बल्कि चार बार उन्हें  मुख्यमंत्री बनाया। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते इन दिनों बिहार में अपराध चरम पर है।  बेखौफ अपराधी कानून को ठेंगा दिखाते हुए दिनदहाड़े हत्या, लूट, बलात्कार, रंगदारी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और सुशासन का स्लोगन सिर्फ पोस्टरों पर ही रह गया है। सवालों का उठना लाजमी है क्यूंकि पुलिस विभाग भी उनके हाथ में ही है, इसलिए बिहार में बढ़ते अपराध की जवाबदेही उन्ही पर है

बिहार पुलिसने जो अपराध को लेकर ताजा आंकड़ें दिए हैं वो काफी चौकाने बाले हैं। जनवरी 2018 से अक्‍टूबर, 2018 के बीच हुई आपराधिक  वारदातें इस बात की गवाही दे रही है कि सरकार और प्रशासन प्रदेश में अपराध रोकने में पूरी तरह से नाकाम रही है। इन आंकड़ों में बताया गया है कि सूबे में प्रतिदिन औसतन 8 से ज्यादा लोगों की हत्याएं हो रही हैं, तो वहीं 4 से ज्यादा महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।  औसतन 29 लोगों का प्रतिदिन अपहरण भी हुआ है। ऱाज्य  में एक दिन में करीब 30 की औसत से दंगों की वारदात हुई है। तो वहीं, चोरों ने तकरीबन 85 घरों में हाथ साफ किया है।  सड़कों पर भी रोजाना लगभग 4 लोगों के साथ लूटपाट भी होती रही।

आंकड़े –    

साल 2018 में जनवरी से लेकर अक्टूबर में सिर्फ हत्या के 2522 मामले दर्ज किये गए हैं, जनवरी में जहां 178 मामले दर्ज हुए, तो वहीं, अक्टूबर में 227 मामले सामने आए।  इन 10 महीनो  में बलात्कार के कुल 1304 मामले दर्ज किए गए, जनवरी में जहां 74 मामले दर्ज हुए, तो वहीं अक्टूबर में 123 मामला दर्ज हुए।

इसी प्रकार प्रदेश में अपहरण के 8804 मामले दर्ज किए गए, जनवरी में यह आंकड़ा 584 था, जो अक्टूबर में बढ़कर 827 हो गया। वहीं, जून में अपहरण के 1060 मामले दर्ज हुए।

प्रदेश में अगर चोरी की घटना को देखें  तो चोरी के कुल 25472 मामले दर्ज दर्ज हुए, जिसमें जनवरी में 2388 तो अक्टूबर में यह बढ़कर 2827 हो गया। वहीँ बिहार के कई जिलों से रेप और छेड़खानी का वीडियो भी वायरल हुआ था।क्या ऐसे में सरकार बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बना पायेगी?

बिहार में आपराधिक घटनाएं रुकने का नाम ले रही है। पिछले कुछ महीनो की घटनाओ ने एक बार फिर से जंगलराज की यादें ताजा कर दी है।  बेख़ौफ़ अपराधियों ने कई राजनैतिक दलों के नेताओ के साथ -साथ गुंजन खेमका सहित कई व्यवसायियों की गोली मारकर हत्या कर दी।

बिहार में अपराध एक बार फिर से सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। 2019 के लोकसभा का चुनाव करीब है ऐसे में विपक्षी पार्टियां बिहार में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर नीतीश सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगी। बता दें की जदयू ने चुनाव के दौरान स्लोगन दिया था – बिहार में बहार हो,फिर से एकबार हो नीतीशे कुमार हो। बिहार की जनता के लिए ये सुलगता हुआ सवाल है की क्या बिहार में बहार है?

 अजय झा

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